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कभी-कभार की एसिडिटी के लिए मुलेठी की हल्की चाय
मुलेठी की जड़ के छोटे टुकड़े की पतली चाय, एसिडिटी बढ़ने पर एक-दो दिन। हाई BP वाले न लें।

ज़रूरी: यह नुस्खा केवल एक सहायक घरेलू उपाय है। डॉक्टर की लिखी दवाइयाँ लेते रहें, अपनी रीडिंग जाँचते रहें और कुछ भी नया शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।
घर पर मुलेठी का समझदारी से इस्तेमाल
मुलेठी (यष्टिमधु) स्वाद में मीठी और गले को आराम देने वाली होती है, इसीलिए गले के नुस्खों में आती है। इसमें ग्लाइसिराइज़िन होता है, जो ज़्यादा या लंबे इस्तेमाल पर BP बढ़ा सकता है और पोटैशियम घटा सकता है।
मुलेठी को पारंपरिक रूप से पेट की परत को आराम देने के लिए इस्तेमाल किया जाता है, और ग्लाइसिराइज़िन हटाई गई मुलेठी (DGL) पर सीने की जलन के लिए शोध हुआ है। साबुत मुलेठी में ग्लाइसिराइज़िन होता है, इसलिए इसे कम समय और कभी-कभार ही लें।
सामग्री
- मुलेठी का 1 छोटा टुकड़ा (2 सेमी)
- 1½ कप पानी
बनाने की विधि
- टुकड़े को हल्का कूट लें।
- पानी में पाँच मिनट उबालकर छान लें।
इस्तेमाल का तरीका
- खाने के बाद दिन में एक बार, एक-दो दिन गुनगुनी पिएँ।
- इस दौरान तीखा, तला खाना और देर रात का खाना न लें।
मददगार आदतें
- सूखी पीली डंडियाँ खरीदें; बंद डिब्बे में महीनों चलती हैं।
सावधानियाँ
- पेशाब की गोलियों या स्टेरॉयड दवा के साथ डॉक्टर के बिना न लें।
- हाई BP, दिल या किडनी की बीमारी और गर्भावस्था में न लें।
- कुछ दिनों तक ही, थोड़े समय के लिए इस्तेमाल करें।
- खुजली, दाने, पेट खराब या कोई और परेशानी हो तो तुरंत बंद करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या एसिडिटी में रोज़ मुलेठी ले सकते हैं?
- नहीं; लंबे इस्तेमाल से BP बढ़ सकता है और पोटैशियम घट सकता है।
DGL क्या है?
- मुलेठी का अर्क जिससे ज़्यादातर ग्लाइसिराइज़िन हटा दिया गया है, चबाने वाली गोलियों में बिकता है।
क्या मुलेठी और लिकोरिस कैंडी एक हैं?
- नहीं, कैंडी में ज़्यादातर चीनी और स्वाद होता है; मुलेठी सूखी जड़ है।



