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मन खाली करने के लिए रात की नोटबुक

सोने से पहले पाँच मिनट कल के काम और चिंताएँ नोटबुक में लिख देना ताकि वे कागज़ पर रहें। मन की आदत है, नींद का इलाज नहीं।

फोटो में खुली खाली नोटबुक और पेन, पानी का गिलास और गरम बत्ती के नीचे अलार्म घड़ी।

चिंता कागज़ पर रखें, तकिये पर नहीं

जागते हुए कल के काम सोचते रहना नींद न आने का आम कारण है। सोने से पहले सूची और चिंताएँ नोटबुक में लिखने से वे सिर से कागज़ पर आ जाती हैं, और कुछ लोगों को जल्दी शांति मिलती है। यह मन की सादी आदत है, चिंता या अनिद्रा का इलाज नहीं।

कागज़ की नोटबुक और पेन लें, फ़ोन नहीं, और बत्ती धीमी रखें। पाँच मिनट लिखें, फिर नोटबुक बंद करके बिस्तर से बाहर रख दें। चिंता या उदासी हफ़्तों जारी रहे तो डॉक्टर या काउंसलर से बात करें।

सामग्री

  • छोटी नोटबुक और पेन
  • धीमी बिस्तर के पास की बत्ती
  • पानी का गिलास

बनाने की विधि

  1. नोटबुक और पेन बिस्तर के पास रखें।
  2. बत्ती धीमी करें।

इस्तेमाल का तरीका

  • पाँच मिनट कल के काम और चिंताएँ लिखें, फिर नोटबुक बंद करें।
  • बत्ती बंद करके सो जाएँ।

मददगार आदतें

  • हर चिंता के आगे एक छोटा अगला कदम लिखें।
  • नोटबुक फ़ोन से दूर रखें।

सावधानियाँ

  • हफ़्तों की लगातार चिंता, उदासी या नींद की समस्या में डॉक्टर या काउंसलर चाहिए।
  • स्क्रीन की जगह कागज़ लें।
  • मन की आदत है, चिंता या अनिद्रा का इलाज नहीं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या लिखने से सच में मदद मिलती है?

कुछ लोगों का मन शांत होता है, पर असर सबके लिए अलग है।

क्या लिखूँ?

कल की सूची, और चिंता के साथ एक अगला कदम।

क्या फ़ोन पर कर सकते हैं?

कागज़ बेहतर है, क्योंकि स्क्रीन जगाए रखती है।
सभी देखें: अच्छी नींद के घरेलू उपाय