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मानसून की रसोई किट: अदरक, तुलसी और अजवाइन

आयुर्वेद की ऋतुचर्या मानसून में हल्के खाने और गर्म मसालों की सलाह देती है। मानसून के रोज़ के खाने और पेयों के लिए अदरक, तुलसी और अजवाइन कैसे पास रखें।

चित्र में ताज़ा अदरक, तुलसी, अजवाइन, बर्फ़ की आयुर्वेदिक रसोई की व्यवस्था।

अदरक का इस्तेमाल ऐसे क्यों

अदरक भारतीय घरों में ताज़ा (अदरक) या सूखा (सोंठ) इस्तेमाल होता है। आयुर्वेद सोंठ को पाचन और सर्द दिनों की सर्वोत्तम औषधि कहता है, और अध्ययन मतली में अदरक के असर को समर्थन देते हैं।

आयुर्वेद में माना जाता है कि मानसून में पाचन (अग्नि) सबसे कमज़ोर होता है। ऋतुचर्या, यानी मौसम के अनुसार दिनचर्या, पाचक मसालों के साथ गर्म, ताज़ा पका, हल्का खाना सुझाती है। अदरक, तुलसी और अजवाइन पास रखना और रोज़ इस्तेमाल करना आसान है।

सामग्री

  • ताज़ी अदरक
  • तुलसी का पौधा या सूखी तुलसी
  • अजवाइन
  • साफ़ उबला पानी

बनाने की विधि

  1. चूल्हे के पास अजवाइन का छोटा डिब्बा और अदरक का टुकड़ा रखें।
  2. धूप वाली खिड़की पर तुलसी का पौधा लगाएँ।

इस्तेमाल का तरीका

  • दाल और पराठों में अदरक-अजवाइन डालें; दिन में एक बार अदरक-तुलसी चाय पिएँ।
  • उबला, ठंडा किया पानी पिएँ और ताज़ा पका खाना खाएँ।

मददगार आदतें

  • सोंठ ताज़े अदरक से तेज़ होती है; लगभग एक-तिहाई मात्रा लें।

सावधानियाँ

  • अदरक और अजवाइन गर्म हैं; एसिडिटी हो तो कम करें। मानसून में बदन दर्द के साथ बुख़ार हो तो डेंगू या मलेरिया की जाँच कराएँ।
  • ज़्यादा मात्रा से सीने में जलन हो सकती है; खून पतला करने की दवा लेते हों तो डॉक्टर से पूछें।
  • यह घरेलू उपाय है, इलाज नहीं। लक्षण कुछ दिनों से ज़्यादा रहें या बढ़ें तो डॉक्टर को दिखाएँ।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

मानसून में कच्चे सलाद से क्यों बचें?

गंदे पानी से पेट के इन्फ़ेक्शन का ख़तरा बढ़ता है; अच्छी तरह धोएँ या पकाएँ।

क्या बच्चे अदरक-तुलसी चाय पी सकते हैं?

बड़े बच्चों के लिए हल्का, छोटा कप ठीक है।

ताज़ा अदरक या सोंठ?

ताज़ा अदरक हल्का और रसीला है; सोंठ तेज़ और ज़्यादा गर्म है।