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त्वचा15 मिनट

सर्दियों में नहाने से पहले तिल के तेल की मालिश

रूखी, खुजली वाली सर्दियों की त्वचा के लिए गुनगुने पानी से नहाने के 15 मिनट पहले बाँहों, पैरों और पीठ पर गुनगुने तिल के तेल की छोटी मालिश।

चित्र में तिल की आयुर्वेदिक रसोई की व्यवस्था।

आयुर्वेद में तिल

आयुर्वेद में तिल के बीज और तेल गर्म और पोषण देने वाले माने जाते हैं। तिल का तेल अभ्यंग (तेल मालिश) का पारंपरिक आधार है, और बीजों से कैल्शियम, आयरन और अच्छी चिकनाई मिलती है।

आयुर्वेद ठंडे, रूखे मौसम में नहाने से पहले तेल लगाने की सलाह देता है। तिल का तेल नहाने के बाद भी एक पतली सुरक्षा परत छोड़ता है, जो सर्दियों में फटती और खुजलाती त्वचा को आराम देती है।

सामग्री

  • 2 बड़े चम्मच कोल्ड-प्रेस्ड तिल का तेल

बनाने की विधि

  1. बोतल को गर्म पानी में रखकर तेल थोड़ा गुनगुना करें।

इस्तेमाल का तरीका

  • बाँहों, पैरों और पीठ पर पाँच मिनट मालिश करें।
  • 10 से 15 मिनट रुककर गुनगुने पानी और हल्के साबुन से नहाएँ।

मददगार आदतें

  • मालिश के लिए भुने तिल का नहीं, कच्ची घानी का तिल का तेल लें।

सावधानियाँ

  • बाथरूम का फ़र्श फिसलन भरा हो जाता है; पोंछें और ध्यान से चलें।
  • तिल से एलर्जी आम है; प्रतिक्रिया हो तो न लें।
  • चेहरे पर लगाने से 24 घंटे पहले बाँह के अंदरूनी हिस्से पर पैच टेस्ट करें।
  • खुजली, दाने, पेट खराब या कोई और परेशानी हो तो तुरंत बंद करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या तेल धुल नहीं जाएगा?

ज़्यादातर धुल जाता है, पर पतली परत रहती है जो त्वचा को नरम रखती है।

क्या नारियल तेल ले सकते हैं?

हाँ; तिल का तेल गर्म होने के कारण सर्दियों में पारंपरिक है।

सफ़ेद तिल या काले तिल?

दोनों पौष्टिक हैं; बालों और सर्दियों के लिए परंपरा में काले तिल पसंद किए जाते हैं।