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नियमित मल-त्याग के लिए भीगे आलू बुखारा (प्रून)
रात भर भीगे तीन-चार प्रून सुबह भिगोए पानी के साथ, सादी रेशे की आदत के रूप में। धीरे-धीरे बढ़ाएँ; कब्ज़ की दवा नहीं।

प्राकृतिक रेशे वाला फल
प्रून सूखे आलू बुखारे हैं जिनमें रेशा और प्राकृतिक सॉर्बिटॉल होता है, जो कई लोगों को नियमित मल-त्याग में मददगार लगता है। भिगोने से ये नरम और चबाने में आसान हो जाते हैं।
दो-तीन प्रून से शुरू करें और दिन भर पानी पिएँ, क्योंकि रेशे को पानी चाहिए। एक साथ बहुत ज़्यादा लेने से गैस या पतले दस्त हो सकते हैं। यह खाने की आदत है, कब्ज़ का इलाज नहीं।
सामग्री
- 3–4 सूखे प्रून
- 1 कप पानी
बनाने की विधि
- प्रून धोकर रात भर पानी में भिगोएँ।
- गुठली हो तो निकाल दें।
इस्तेमाल का तरीका
- सुबह भीगे प्रून भिगोए पानी के साथ खाएँ।
- दिन भर पानी पिएँ।
मददगार आदतें
- 2 प्रून से शुरू करें और धीरे-धीरे बढ़ाएँ।
- साथ में थोड़ा टहलें।
सावधानियाँ
- पेट में ऐंठन या पतले दस्त हों तो बंद करें।
- लगातार कब्ज़, मल में खून या दर्द हो तो डॉक्टर को दिखाएँ।
- मधुमेह में इसे फल गिनें और डॉक्टर से पूछें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
कितने प्रून काफ़ी हैं?
- ज़्यादातर वयस्कों के लिए दिन में तीन-चार काफ़ी हैं।
क्या प्रून मीठे होते हैं?
- ये स्वाभाविक रूप से मीठे हैं, इसलिए हिस्सा छोटा रखें।
क्या बच्चे खा सकते हैं?
- बड़े बच्चों के लिए एक भीगा प्रून ठीक है; दिक्कत हो तो डॉक्टर से पूछें।




