आँखों की देखभाल20 मिनट
उबले शकरकंद के कुछ टुकड़े, आँख में कुछ नहीं
शकरकंद के कुछ टुकड़े, उबालकर छीले हुए। उन्हें खाने के रूप में खाएँ। यह रस नहीं, नज़र का इलाज नहीं, और इस पन्ने की कोई चीज़ आँख में नहीं जाती।

थाली का खाना, आँख की बूँद कभी नहीं
शकरकंद को तब तक उबालें जब तक टुकड़ा मसल जाए, फिर छीलें। यह साधारण नाश्ता है। कुछ टुकड़े खाएँ। बर्तन को बड़ा रस न बनाएँ, और पकाने का पानी, मैश या कोई तेल आँख के पास न लाएँ। रसोई का कोई तरल आँख में नहीं जाता। ये टुकड़े चश्मा नहीं हटाते, सूखापन नहीं ठीक करते और बीमारी नहीं पलटते।
बीच सख्त हो तो और पकाएँ। जिन्हें कार्बोहाइड्रेट सीमित है वे इन टुकड़ों को खाना गिनें। अचानक धुँधलापन, दर्द, नज़र पर पर्दा, या बहुत लाल दर्द करती आँख को उसी दिन आँख के डॉक्टर की ज़रूरत है, एक और टुकड़े की नहीं।
सामग्री
- एक छोटा शकरकंद
- उबालने का पानी
- नमकीन बनाना हो तो जीरे की चुटकी
बनाने की विधि
- शकरकंद को तब तक उबालें या भाप में पकाएँ जब तक चाकू को सख्त बीच न मिले। ठंडा करें, छीलें, कुछ टुकड़े काटें।
- पकाने का पानी बर्तन में छोड़ दें। बोतल में न भरें और आँखों के पास न लाएँ।
इस्तेमाल का तरीका
- कुछ टुकड़े नाश्ते या भोजन के साथ खाएँ।
- ढेर का रस न निकालें।
- इस विधि की कोई चीज़ आँख को न छुए।
मददगार आदतें
- छिलके समेत भुना टुकड़ा उस बड़े के लिए ठीक है जिसे छिलका पचे। जिसे छिलका सख्त लगे उसे छीलें।
- नमक डालें तो चुटकी ही।
सावधानियाँ
- आँख में कुछ नहीं जाता। न पानी, न मैश, न घी।
- नज़र, सूखापन या चश्मे के नम्बर का इलाज नहीं।
- अचानक नज़र जाना, पर्दा, दर्द या बहुत लाल आँख के लिए आँख का डॉक्टर चाहिए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या शकरकंद का रस आँख में डालूँ?
- नहीं। रसोई की कोई चीज़ आँख में नहीं जाती। टुकड़े खाने हों तो खाएँ।
क्या रस का गिलास चश्मा हटा देगा?
- नहीं। कुछ पके टुकड़े नाश्ता हैं। वे चश्मे का नम्बर नहीं बदलते और आँख की बीमारी का इलाज नहीं।
नज़र अचानक धुँधली हो गई। पहले और खा लूँ?
- नहीं। अचानक धुँधलापन, नज़र पर पर्दा या दर्द करती लाल आँख को उसी दिन आँख का डॉक्टर चाहिए।


