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जोड़10 मिनट

अकड़े जोड़ों के लिए दस मिनट कुर्सी योग

मज़बूत कुर्सी पर बैठकर धीमे गर्दन-घुमाव, कंधे के चक्कर, टखने के चक्कर और बैठे-बैठे मोड़। हल्की हलचल की आदत; दर्द हो तो रुकें।

फोटो में कुर्ते में एक बुज़ुर्ग भारतीय महिला लकड़ी की कुर्सी पर बैठकर हाथ सिर के ऊपर तानती हैं, फ़र्श पर योग-मैट, स्टील की बोतल और तौलिया है।

ज़रूरी: यह नुस्खा केवल एक सहायक घरेलू उपाय है। डॉक्टर की लिखी दवाइयाँ लेते रहें, अपनी रीडिंग जाँचते रहें और कुछ भी नया शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।

बैठकर होने वाला योग

कुर्सी योग में बैठे-बैठे सरल, धीमी हरकतें होती हैं, इसलिए यह बुज़ुर्गों और अकड़े जोड़ों वाले लोगों के लिए, खासकर ठंडी सुबहों में, उपयुक्त है। यह बिना खिंचाव के जोड़ों को चलाता रखता है।

मज़बूत कुर्सी पर सीधे बैठें, हर जोड़ को आरामदायक सीमा में धीरे हिलाएँ और बराबर साँस लें। दर्द हो तो रुकें। यह हल्की हलचल की आदत है, गठिया का इलाज नहीं।

सामग्री

  • बिना पहियों की मज़बूत कुर्सी
  • तह की हुई चटाई
  • पानी की बोतल

बनाने की विधि

  1. कुर्सी दीवार के पास रखें।
  2. पैर सपाट रखकर बैठें।

इस्तेमाल का तरीका

  • हर ओर 5 धीमे गर्दन-मोड़, 10 कंधे के चक्कर और हर टखने के 10 चक्कर करें।
  • अंत में हल्के बैठे मोड़ करें।

मददगार आदतें

  • पहले कमरा गर्म कर लें।
  • सर्दी में गर्म पेय के बाद करें।

सावधानियाँ

  • तेज़ दर्द, चक्कर या साँस फूलने पर रुकें।
  • गर्दन की समस्या हो तो गर्दन पीछे पूरी न घुमाएँ।
  • जोड़ों का दर्द बना रहे तो डॉक्टर को दिखाएँ।
  • हलचल की आदत है, इलाज नहीं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

कितनी बार?

रोज़ सुबह।

क्या बुज़ुर्गों के लिए सुरक्षित है?

हाँ, बैठे रहकर धीरे हिलें तो।

क्या बिस्तर में कर सकते हैं?

कुर्सी बेहतर सहारा देती है।
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