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शिलाजीत और टेस्टोस्टेरोन: अध्ययन असल में क्या बताते हैं

शिलाजीत और टेस्टोस्टेरोन पर हुए अध्ययन आसान भाषा में, वे क्या बताते हैं और क्या नहीं, और कम टेस्टोस्टेरोन की जाँच डॉक्टर से क्यों कराएँ।

शिलाजीत और टेस्टोस्टेरोन: अध्ययन असल में क्या बताते हैं

प्रकाशित 7 अक्टूबर 2026 · 3 मिनट में पढ़ें

"शिलाजीत टेस्टोस्टेरोन" बहुत खोजा जाने वाला वाक्य है। यहाँ जानिए असल में क्या पता है।

मुख्य अध्ययन

2016 में 90 दिन के एक ट्रायल में 45–55 साल के स्वस्थ पुरुषों को शुद्ध शिलाजीत (दिन में दो बार 250 मिलीग्राम) या प्लेसीबो दिया गया। अंत में शिलाजीत वाले समूह में प्लेसीबो की तुलना में कुल और फ़्री टेस्टोस्टेरोन ज़्यादा पाया गया। कम शुक्राणु वाले पुरुषों पर एक पुराने छोटे अध्ययन में भी टेस्टोस्टेरोन में बदलाव बताया गया।

सीमाएँ

  • ट्रायल छोटे थे (दर्जनों पुरुष, हज़ारों नहीं)।
  • इनमें एक ख़ास, शुद्ध, मानकीकृत एक्सट्रैक्ट इस्तेमाल हुआ — बाज़ार का कोई भी रेज़िन नहीं।
  • कई अध्ययन एक्सट्रैक्ट बनाने वाली कंपनियों ने प्रायोजित किए।
  • "प्लेसीबो से ज़्यादा" का मतलब यह नहीं कि सबका स्तर कम से सामान्य हो गया।

सच्चा सार: अध्ययन संकेत देते हैं कि शिलाजीत कुछ पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन पर हल्का असर डाल सकता है। यह हार्मोन का इलाज नहीं है।

पारंपरिक दृष्टि

आयुर्वेद टेस्टोस्टेरोन की बात नहीं करता। वह शिलाजीत को बल और जोश के रसायन के रूप में बताता है, जिसे अक्सर अश्वगंधा या गोक्षुर के साथ लिया जाता है।

अगर लगे कि टेस्टोस्टेरोन कम है

थकान, कम इच्छा, उदासी या वज़न बढ़ने के कई कारण हो सकते हैं — थायरॉइड, स्लीप एपनिया, डायबिटीज़, तनाव। एक साधारण ब्लड टेस्ट और डॉक्टर की राय सही पहला क़दम है।

ज़रूर पढ़ें: इलाज या गारंटी का कोई दावा नहीं

शिलाजीत एक पारंपरिक आयुर्वेदिक सप्लीमेंट है। यह स्तंभन दोष (ED), बांझपन, कम टेस्टोस्टेरोन या किसी यौन रोग का इलाज नहीं है, और कोई भी उत्पाद तुरंत या पक्के असर का वादा नहीं कर सकता। यौन स्वास्थ्य की लगातार समस्या डायबिटीज़, दिल या हार्मोन की गड़बड़ी का शुरुआती संकेत हो सकती है, इसलिए डॉक्टर से ज़रूर मिलें।

शिलाजीत कैसे लें (सामान्य गाइड)

  • रेज़िन का चावल से मटर के दाने जितना टुकड़ा (लगभग 300–500 मिलीग्राम) दिन में एक बार लें, या लेबल पर दी गई मात्रा।
  • इसे एक कप गुनगुने (उबलते नहीं) पानी या दूध में डालकर एक-दो मिनट चलाकर घोलें।
  • ज़्यादातर लोग इसे सुबह हल्के नाश्ते के बाद लेते हैं।
  • पहले हफ़्ते कम मात्रा से शुरू करें और सूट न करे तो बंद कर दें।
  • हमेशा साफ़, सूखा चम्मच इस्तेमाल करें ताकि जार में नमी न जाए।

शिलाजीत से जुड़ी और गाइड

डॉक्टर की सलाह

यह पेज पारंपरिक आयुर्वेदिक उपयोग और प्रकाशित शोध का सार बताता है; यह मेडिकल सलाह नहीं है। शिलाजीत लेने से पहले योग्य डॉक्टर या आयुर्वेदिक चिकित्सक (BAMS) से सलाह लें, ख़ासकर अगर आप गर्भवती हैं या स्तनपान कराती हैं, 18 साल से कम उम्र के हैं, दिल की बीमारी, हाई या लो ब्लड प्रेशर, गाउट या हाई यूरिक एसिड, आयरन की अधिकता (हीमोक्रोमैटोसिस), किडनी या लिवर की बीमारी है, या नियमित दवा लेते हैं। डॉक्टर की दवा बंद न करें। पढ़ें: किसे शिलाजीत नहीं खाना चाहिए और शिलाजीत के नुकसान।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या शिलाजीत टेस्टोस्टेरोन बढ़ाता है?

छोटे अध्ययन संकेत देते हैं कि शुद्ध शिलाजीत प्लेसीबो की तुलना में कुछ पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन हल्का बढ़ा सकता है। प्रमाण सीमित हैं और यह हार्मोन का इलाज नहीं है।

अध्ययनों में कितना शिलाजीत दिया गया?

मुख्य ट्रायल में 90 दिन तक दिन में दो बार 250 मिलीग्राम शुद्ध एक्सट्रैक्ट दिया गया। बाज़ार के रेज़िन अलग होते हैं, इसलिए अपने उत्पाद का लेबल देखें।

क्या महिलाएँ शिलाजीत ले सकती हैं?

शिलाजीत को परंपरा से महिलाएँ भी सामान्य रसायन के रूप में लेती हैं। PCOS जैसी हार्मोन समस्या वाली महिलाएँ पहले डॉक्टर से पूछें।

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