मुख्य सामग्री पर जाएँ
AllAyurvedics

किसे शिलाजीत नहीं खाना चाहिए? साफ़ सुरक्षा चेकलिस्ट

किसे शिलाजीत से बचना चाहिए या पहले डॉक्टर से पूछना चाहिए, हर एक के कारण के साथ साफ़ चेकलिस्ट।

किसे शिलाजीत नहीं खाना चाहिए? साफ़ सुरक्षा चेकलिस्ट

प्रकाशित 7 अक्टूबर 2026 · 3 मिनट में पढ़ें

शिलाजीत पारंपरिक सप्लीमेंट है, लेकिन हर किसी के लिए नहीं। शुरू करने से पहले यह चेकलिस्ट देखें।

डॉक्टर ख़ास तौर पर न कहें तो बचें

  • गर्भावस्था और स्तनपान — सुरक्षा पर कोई आँकड़ा नहीं। देखें गर्भावस्था में शिलाजीत।
  • 18 साल से कम उम्र के बच्चे और किशोर — अध्ययन नहीं हुआ; ज़्यादातर लेबल 12 साल से छोटे बच्चों के लिए मना करते हैं।
  • हीमोक्रोमैटोसिस या आयरन की अधिकता — शिलाजीत में आयरन होता है।
  • गाउट, हाई यूरिक एसिड या पथरी — यह कुछ लोगों में यूरिक एसिड बढ़ा सकता है।

पहले डॉक्टर से पूछें

  • दिल की बीमारी, हाई या लो ब्लड प्रेशर — यह धड़कन और BP पर असर डाल सकता है।
  • दवा लेने वाले डायबिटीज़ मरीज़ — यह ब्लड शुगर पर असर डाल सकता है।
  • किडनी या लिवर की बीमारी
  • ऑटोइम्यून बीमारियाँ (ल्यूपस, रूमेटॉइड आर्थराइटिस, MS)
  • हार्मोन से जुड़ी स्थितियाँ (PCOS, प्रोस्टेट की समस्या, हार्मोन थेरेपी)
  • सर्जरी से पहले — कम से कम 2 हफ़्ते पहले बंद करें, जब तक सर्जन अलग न कहें
  • नियमित दवा लेने वाले सभी — देखें शिलाजीत और दवाइयाँ

ये हों तो बंद करें और मदद लें

  • दाने, खुजली, होंठ या चेहरे पर सूजन, या साँस में तकलीफ़ (एलर्जी)
  • तेज़ या अनियमित धड़कन, चक्कर
  • तेज़ एसिडिटी, उल्टी या गहरे रंग का पेशाब

शिलाजीत कैसे लें (सामान्य गाइड)

  • रेज़िन का चावल से मटर के दाने जितना टुकड़ा (लगभग 300–500 मिलीग्राम) दिन में एक बार लें, या लेबल पर दी गई मात्रा।
  • इसे एक कप गुनगुने (उबलते नहीं) पानी या दूध में डालकर एक-दो मिनट चलाकर घोलें।
  • ज़्यादातर लोग इसे सुबह हल्के नाश्ते के बाद लेते हैं।
  • पहले हफ़्ते कम मात्रा से शुरू करें और सूट न करे तो बंद कर दें।
  • हमेशा साफ़, सूखा चम्मच इस्तेमाल करें ताकि जार में नमी न जाए।

शिलाजीत से जुड़ी और गाइड

डॉक्टर की सलाह

यह पेज पारंपरिक आयुर्वेदिक उपयोग और प्रकाशित शोध का सार बताता है; यह मेडिकल सलाह नहीं है। शिलाजीत लेने से पहले योग्य डॉक्टर या आयुर्वेदिक चिकित्सक (BAMS) से सलाह लें, ख़ासकर अगर आप गर्भवती हैं या स्तनपान कराती हैं, 18 साल से कम उम्र के हैं, दिल की बीमारी, हाई या लो ब्लड प्रेशर, गाउट या हाई यूरिक एसिड, आयरन की अधिकता (हीमोक्रोमैटोसिस), किडनी या लिवर की बीमारी है, या नियमित दवा लेते हैं। डॉक्टर की दवा बंद न करें। पढ़ें: किसे शिलाजीत नहीं खाना चाहिए और शिलाजीत के नुकसान।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

किसे शिलाजीत नहीं खाना चाहिए?

गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएँ, बच्चे, और आयरन की अधिकता या गाउट वाले लोग इससे बचें। दिल, किडनी, लिवर या ऑटोइम्यून बीमारी वाले या नियमित दवा लेने वाले पहले डॉक्टर से पूछें।

क्या हाई BP वाले शिलाजीत ले सकते हैं?

सिर्फ़ डॉक्टर से पूछने के बाद, क्योंकि यह ब्लड प्रेशर और धड़कन पर असर डाल सकता है।

क्या सर्जरी से पहले शिलाजीत बंद करना चाहिए?

हाँ, आमतौर पर कम से कम 2 हफ़्ते पहले, जब तक सर्जन अलग सलाह न दें।

शिलाजीत गाइड

फायदे, खाने का तरीका, असली-नकली की पहचान, रूप, नुकसान और कीमत — आसान भाषा में।

पूरी शिलाजीत गाइड

हर हफ़्ते आयुर्वेद की एक खुराक

हर हफ़्ते मौसम के अनुसार एक सुझाव, एक नुस्खा और एक आसान आदत — हिन्दी या अंग्रेज़ी में। कोई स्पैम नहीं, जब चाहें सदस्यता छोड़ें।

फ़ॉर्म भेजकर आप हमारी गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं।

और लेख

routine · lifestyle

5 मिनट में पढ़ें

दिनचर्या: एक आसान आयुर्वेदिक दिनचर्या, जिसे सच में निभाया जा सके

आयुर्वेद मानता है कि सेहत छोटी-छोटी, रोज़ दोहराई जाने वाली आदतों से बनती है। यहाँ है शास्त्रीय दिनचर्या का एक व्यावहारिक रूप — आज की व्यस्त ज़िंदगी के लिए।

लेख पढ़ें

basics · doshas

5 मिनट में पढ़ें

तीन दोष आसान भाषा में: वात, पित्त और कफ

वात, पित्त और कफ आयुर्वेद की नींव हैं। जानिए हर दोष का क्या अर्थ है, रोज़मर्रा की ज़िंदगी में वे कैसे दिखते हैं, और उन्हें संतुलित कैसे रखें।

लेख पढ़ें

seasons · diet

5 मिनट में पढ़ें

ऋतुचर्या: भारत की छह ऋतुओं के साथ कैसे खाएँ और जिएँ

आयुर्वेद साल को छह ऋतुओं में बाँटता है और हर ऋतु के लिए भोजन व आदतें बदलता है। भारतीय मौसम में ऋतु के अनुसार जीने की एक व्यावहारिक गाइड।

लेख पढ़ें