शिलाजीत और यूरिक एसिड: गाउट वालों को सावधान क्यों रहना चाहिए
शिलाजीत कुछ लोगों में यूरिक एसिड क्यों बढ़ा सकता है, किसे बचना चाहिए (गाउट, पथरी), और किन संकेतों पर ध्यान दें।

प्रकाशित 7 अक्टूबर 2026 · 3 मिनट में पढ़ें
"शिलाजीत यूरिक एसिड" सुरक्षा से जुड़ा आम और ज़रूरी सवाल है।
चिंता क्यों है
शिलाजीत में ऐसे तत्व और खनिज होते हैं जो कुछ लोगों में यूरिक एसिड बढ़ा सकते हैं। कई शिलाजीत लेबल और सुरक्षा गाइड गाउट और हाई यूरिक एसिड को इससे बचने का कारण बताते हैं। अच्छे अध्ययन नहीं हैं, इसलिए सावधानी ही समझदारी है।
किसे बचना चाहिए (डॉक्टर की मंज़ूरी के बिना)
- गाउट वाले या जिन्हें पहले गाउट अटैक हुआ हो
- ब्लड टेस्ट में हाई यूरिक एसिड वाले
- पथरी वाले, ख़ासकर यूरिक एसिड की पथरी
- किडनी की बीमारी वाले
गाउट अटैक के संकेत
- अचानक तेज़ दर्द, अक्सर पैर के अँगूठे, टखने या घुटने में
- जोड़ लाल, गरम और सूजा हुआ
- रात में दर्द ज़्यादा
ऐसा हो तो शिलाजीत बंद करें और डॉक्टर से मिलें।
अगर लंबे समय तक शिलाजीत लेते हैं
डॉक्टर से पूछें कि कोर्स से पहले और दौरान सीरम यूरिक एसिड जाँचना चाहिए या नहीं, ख़ासकर अगर वज़न ज़्यादा है, शराब पीते हैं, रेड मीट ज़्यादा खाते हैं या परिवार में गाउट है।
यूरिक एसिड नियंत्रित रखने वाली आदतें
भरपूर पानी, कम शराब (ख़ासकर बीयर), कम रेड मीट और ऑर्गन मीट, कम मीठे पेय, और स्वस्थ वज़न।
शिलाजीत कैसे लें (सामान्य गाइड)
- रेज़िन का चावल से मटर के दाने जितना टुकड़ा (लगभग 300–500 मिलीग्राम) दिन में एक बार लें, या लेबल पर दी गई मात्रा।
- इसे एक कप गुनगुने (उबलते नहीं) पानी या दूध में डालकर एक-दो मिनट चलाकर घोलें।
- ज़्यादातर लोग इसे सुबह हल्के नाश्ते के बाद लेते हैं।
- पहले हफ़्ते कम मात्रा से शुरू करें और सूट न करे तो बंद कर दें।
- हमेशा साफ़, सूखा चम्मच इस्तेमाल करें ताकि जार में नमी न जाए।
शिलाजीत से जुड़ी और गाइड
- किसे शिलाजीत नहीं खाना चाहिए? साफ़ सुरक्षा चेकलिस्ट
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- शिलाजीत, दिल की बीमारी और ब्लड प्रेशर
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- शिलाजीत के फायदे
- पूरी शिलाजीत गाइड
डॉक्टर की सलाह
यह पेज पारंपरिक आयुर्वेदिक उपयोग और प्रकाशित शोध का सार बताता है; यह मेडिकल सलाह नहीं है। शिलाजीत लेने से पहले योग्य डॉक्टर या आयुर्वेदिक चिकित्सक (BAMS) से सलाह लें, ख़ासकर अगर आप गर्भवती हैं या स्तनपान कराती हैं, 18 साल से कम उम्र के हैं, दिल की बीमारी, हाई या लो ब्लड प्रेशर, गाउट या हाई यूरिक एसिड, आयरन की अधिकता (हीमोक्रोमैटोसिस), किडनी या लिवर की बीमारी है, या नियमित दवा लेते हैं। डॉक्टर की दवा बंद न करें। पढ़ें: किसे शिलाजीत नहीं खाना चाहिए और शिलाजीत के नुकसान।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या शिलाजीत से यूरिक एसिड बढ़ता है?
- कुछ लोगों में बढ़ सकता है। अच्छे अध्ययन नहीं हैं, इसलिए गाउट या हाई यूरिक एसिड वालों को डॉक्टर की मंज़ूरी के बिना इससे बचने की सलाह दी जाती है।
क्या गाउट में शिलाजीत ले सकते हैं?
- तब तक न लें जब तक डॉक्टर ख़ास तौर पर मंज़ूरी न दें और आपका यूरिक एसिड जाँचते न रहें।
क्या शिलाजीत से पथरी होती है?
- इसका अच्छा प्रमाण नहीं है कि यह पथरी बनाता है, लेकिन पथरी वाले, ख़ासकर यूरिक एसिड पथरी वाले, इससे बचें।
शिलाजीत गाइड
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बढ़ा यूरिक एसिड और गाउट: मददगार खान-पान और जीवनशैलीबढ़ा यूरिक एसिड जोड़ों में क्रिस्टल बनाकर अचानक, बहुत दर्दनाक गाउट के दौरे ला सकता है, अक्सर पैर के अँगूठे में। इलाज के साथ-साथ भरपूर पानी, कम शराब और मीठे पेय, ज़्यादा प्यूरीन वाली चीज़ें सीमित मात्रा में और स्वस्थ वज़न सच में फ़र्क़ डालते हैं।
गैस में अजवाइन और काला नमकअजवाइन का स्वाद तीखा और तासीर गर्म होती है। भारी भोजन के बाद कभी-कभार होने वाली गैस और मरोड़ में चुटकी भर अजवाइन काले नमक और गुनगुने पानी के साथ लेना रसोई का जाना-माना उपाय है।
दोपहर के भोजन के साथ मसाला छाछ (तक्र)भुने जीरे वाली ताज़ी, पतली छाछ को आयुर्वेद में पाचन के लिए सबसे अच्छे पेयों में गिना गया है। यह हल्की होती है, पेट को ठंडक देती है और झटपट बन जाती है।
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