शिलाजीत की मात्रा: रोज़ कितना लें (रेज़िन, कैप्सूल, पाउडर)
रोज़ कितना शिलाजीत लें: रेज़िन (मटर जितना, 300–500 मिलीग्राम), कैप्सूल और पाउडर, घर पर कैसे नापें और कम से क्यों शुरू करें।

प्रकाशित 7 अक्टूबर 2026 · 3 मिनट में पढ़ें
सही मात्रा किसी भी दूसरे सुझाव से ज़्यादा ज़रूरी है। ज़्यादा शिलाजीत बेहतर नहीं है।
सामान्य रोज़ की मात्रा
- रेज़िन: रोज़ 300–500 मिलीग्राम (कई लेबल 250–500 मिलीग्राम लिखते हैं)। यानी चावल के दाने से मटर के दाने जितना।
- कैप्सूल/टैबलेट: लेबल अनुसार; आमतौर पर 250–500 मिलीग्राम का 1 कैप्सूल दिन में एक या दो बार।
- पाउडर: आमतौर पर 250–500 मिलीग्राम (छोटी चुटकी) दिन में एक बार, लेबल अनुसार।
अध्ययनों में ज़्यादातर रोज़ 250–500 मिलीग्राम शुद्ध एक्सट्रैक्ट दिया गया।
बिना तराज़ू रेज़िन कैसे नापें
- चावल का दाना लगभग 100–200 मिलीग्राम।
- छोटा मटर लगभग 300–500 मिलीग्राम।
- 10 ग्राम का जार रोज़ 400 मिलीग्राम पर लगभग 25 दिन चलता है।
साफ़ टूथपिक या सूखा चम्मच इस्तेमाल करें; रेज़िन सख़्त हो तो चम्मच हल्का गरम कर लें।
कैसे शुरू करें
- पहला हफ़्ता: दिन में एक बार चावल के दाने जितना।
- दूसरे हफ़्ते से: ठीक लगे तो मटर जितना करें।
- दिन में एक बार, आमतौर पर सुबह लें।
अधिकतम मात्रा
डॉक्टर की सलाह के बिना रोज़ 500 मिलीग्राम से ज़्यादा न लें। ज़्यादा मात्रा से गर्मी, एसिडिटी, तेज़ धड़कन या सिरदर्द हो सकता है।
किसे कम मात्रा या बिल्कुल नहीं
बच्चे, गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाएँ, और गाउट, दिल की बीमारी, आयरन की अधिकता वाले या नियमित दवा लेने वाले — पहले डॉक्टर से बात करें।
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डॉक्टर की सलाह
यह पेज पारंपरिक आयुर्वेदिक उपयोग और प्रकाशित शोध का सार बताता है; यह मेडिकल सलाह नहीं है। शिलाजीत लेने से पहले योग्य डॉक्टर या आयुर्वेदिक चिकित्सक (BAMS) से सलाह लें, ख़ासकर अगर आप गर्भवती हैं या स्तनपान कराती हैं, 18 साल से कम उम्र के हैं, दिल की बीमारी, हाई या लो ब्लड प्रेशर, गाउट या हाई यूरिक एसिड, आयरन की अधिकता (हीमोक्रोमैटोसिस), किडनी या लिवर की बीमारी है, या नियमित दवा लेते हैं। डॉक्टर की दवा बंद न करें। पढ़ें: किसे शिलाजीत नहीं खाना चाहिए और शिलाजीत के नुकसान।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
रोज़ कितना शिलाजीत लेना चाहिए?
- रोज़ लगभग 300–500 मिलीग्राम रेज़िन — चावल से मटर के दाने जितना। अपने उत्पाद का लेबल देखें।
क्या दिन में दो बार शिलाजीत ले सकते हैं?
- कुछ लेबल मात्रा को दो बार में बाँटते हैं। डॉक्टर अलग न कहें तो कुल मात्रा रोज़ 500 मिलीग्राम के अंदर रखें।
ज़्यादा शिलाजीत लेने से क्या होता है?
- गर्मी, एसिडिटी, सिरदर्द या तेज़ धड़कन हो सकती है। मात्रा कम करें या बंद करें, और लक्षण बने रहें तो डॉक्टर से मिलें।
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