गुनगुने दूध के साथ शिलाजीत कैसे लें: स्टेप-बाय-स्टेप विधि
गुनगुने दूध के साथ शिलाजीत लेने का पारंपरिक तरीका, स्टेप-बाय-स्टेप: मात्रा, तापमान, समय और किसे पानी लेना चाहिए।

प्रकाशित 7 अक्टूबर 2026 · 3 मिनट में पढ़ें
आयुर्वेद में गुनगुना दूध शिलाजीत का सबसे पारंपरिक अनुपान (साथ लेने वाली चीज़) है। दूध को पौष्टिक और शिलाजीत की गर्म तासीर को संतुलित करने वाला माना जाता है।
क्या चाहिए
- शिलाजीत रेज़िन: चावल के दाने से मटर के दाने जितना (लगभग 300–500 मिलीग्राम)
- 1 कप (150–200 मिली) दूध — परंपरा से गाय का दूध; प्लांट मिल्क भी ठीक है
- साफ़, सूखा चम्मच (लकड़ी, स्टील या चाँदी)
- चाहें तो: एक चुटकी इलायची या 2–3 केसर के धागे
स्टेप-बाय-स्टेप विधि
- स्टेप 1: दूध गरम करें, फिर गुनगुना होने दें — घूँट लेने लायक (लगभग 40–50°C)। बहुत गरम दूध ज़रूरी नहीं।
- स्टेप 2: सूखे चम्मच से शिलाजीत निकालें। जार में गीला चम्मच न डालें।
- स्टेप 3: इसे दूध में डालें और 1–2 मिनट चलाएँ जब तक पूरा घुल न जाए। दूध हल्का भूरा हो जाता है।
- स्टेप 4: चाहें तो इलायची या केसर डालें। चीनी न डालें या बहुत कम डालें।
- स्टेप 5: धीरे-धीरे पिएँ, हो सके तो सुबह हल्के नाश्ते के बाद, या डॉक्टर की सलाह अनुसार।
किसे पानी चुनना चाहिए
- जिन्हें दूध नहीं पचता (लैक्टोज़ इनटॉलरेंस) या भारी लगता है
- जिन्हें उस दिन खाँसी या बलगम (कफ) हो
- जिन्हें डॉक्टर ने डेयरी से बचने को कहा हो
सुझाव
- शिलाजीत को दूध में उबालें नहीं; बस घोलें।
- बहुत कड़वा लगे तो यह असली रेज़िन में सामान्य है।
- दूध के साथ एसिडिटी हो तो पानी आज़माएँ।
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डॉक्टर की सलाह
यह पेज पारंपरिक आयुर्वेदिक उपयोग और प्रकाशित शोध का सार बताता है; यह मेडिकल सलाह नहीं है। शिलाजीत लेने से पहले योग्य डॉक्टर या आयुर्वेदिक चिकित्सक (BAMS) से सलाह लें, ख़ासकर अगर आप गर्भवती हैं या स्तनपान कराती हैं, 18 साल से कम उम्र के हैं, दिल की बीमारी, हाई या लो ब्लड प्रेशर, गाउट या हाई यूरिक एसिड, आयरन की अधिकता (हीमोक्रोमैटोसिस), किडनी या लिवर की बीमारी है, या नियमित दवा लेते हैं। डॉक्टर की दवा बंद न करें। पढ़ें: किसे शिलाजीत नहीं खाना चाहिए और शिलाजीत के नुकसान।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या शिलाजीत दूध के साथ ले सकते हैं?
- हाँ। आयुर्वेद में गुनगुना दूध शिलाजीत का सबसे पारंपरिक अनुपान है। मटर के दाने जितना एक कप गुनगुने दूध में घोलें।
दूध गरम हो या गुनगुना?
- गुनगुना। दूध गरम करें, फिर पीने लायक तापमान तक ठंडा होने दें, उसके बाद शिलाजीत घोलें।
क्या रात को दूध के साथ शिलाजीत ले सकते हैं?
- कुछ लोग लेते हैं, लेकिन शिलाजीत के बाद कई लोग ज़्यादा चुस्त महसूस करते हैं, इसलिए आमतौर पर सुबह बेहतर है।
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