मुख्य सामग्री पर जाएँ
AllAyurvedics
पाचन25 मिनट

गैस वाले दिनों के लिए अजवाइन-हींग का पराठा

अजवाइन, चुटकी भर हींग और थोड़े घी से गूँधा गेहूँ का आटा; भरवाँ या सादे पराठे को पचने में आसान बनाने का पारंपरिक तरीका।

चित्र में अजवाइन की आयुर्वेदिक रसोई की व्यवस्था।

आयुर्वेद में हींग

हींग एक सूखा गोंद है जिसकी तेज़ गंध गर्म घी में नरम हो जाती है। पूरे भारत में दाल और राजमा जैसी चीज़ों को आसानी से पचाने के लिए इसकी चुटकी डाली जाती है।

उत्तर भारत के कई घरों में पराठे के आटे में अजवाइन गूँधी जाती है, ख़ासकर आलू या गोभी जैसी भारी भरावन के लिए। चुटकी भर हींग भी मदद करती है। कम तेल में सेंकें और दही के साथ खाएँ ताकि खाना हल्का रहे।

सामग्री

  • 2 कप गेहूँ का आटा
  • 1 छोटा चम्मच अजवाइन
  • चुटकी भर हींग
  • 1 छोटा चम्मच घी
  • नमक और पानी

बनाने की विधि

  1. अजवाइन हथेलियों में मसलकर आटे में हींग, नमक और घी के साथ डालें।
  2. नरम आटा गूँधकर 15 मिनट रखें।

इस्तेमाल का तरीका

  • पराठे बेलकर गर्म तवे पर कम घी में सेंकें।
  • सादे दही और सलाद के साथ परोसें।

मददगार आदतें

  • मिली हुई हींग में अक्सर गेहूँ का आटा होता है; ग्लूटेन से बचते हों तो लेबल देखें।

सावधानियाँ

  • तले पराठे फिर भी भारी होते हैं; एक-दो ही खाएँ।
  • सिर्फ़ चुटकी भर; ज़्यादा मात्रा से पेट खराब हो सकता है। शिशुओं को मुँह से न दें।
  • यह पारंपरिक इस्तेमाल है; वैज्ञानिक प्रमाण सीमित हैं। डॉक्टर की दी हुई दवा बंद न करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या इसे रोटी के आटे में भी डाल सकते हैं?

हाँ, सर्दियों में अजवाइन वाली रोटी आम है।

क्या बच्चों को पसंद आएगा?

ज़्यादातर को आता है; हल्के स्वाद के लिए आधी अजवाइन डालें।

हींग पहले घी में क्यों तलते हैं?

गर्मी से इसकी तीखी गंध नरम होती है और स्वाद फैलता है।