पाचन10 मिनट
भुनी अजवाइन, सौंफ और जीरे का खाने के बाद का मिश्रण
भुनी अजवाइन, सौंफ और जीरा बराबर मात्रा में थोड़े सेंधा नमक के साथ; भारी खाने के बाद गैस और भारीपन में आधा चम्मच चबाएँ।

घर पर अजवाइन का समझदारी से इस्तेमाल
अजवाइन के दाने तीखे, गर्म और खुशबूदार होते हैं। भारतीय घरों में इन्हें भूनकर, चबाकर, पानी में उबालकर या गर्म कपड़े की पोटली बनाकर गैस, भारीपन और छाती की जकड़न में इस्तेमाल किया जाता है।
यह तीन बीजों का मिश्रण कई पाचक चूर्णों का घरेलू रूप है। अजवाइन तीखी, सौंफ मीठी और ठंडी, और जीरा सोंधा होता है, इसलिए तीनों मिलकर संतुलन बनाते हैं और भारी खाने के बाद स्वाद अच्छा लगता है।
सामग्री
- 1 बड़ा चम्मच अजवाइन
- 1 बड़ा चम्मच सौंफ
- 1 बड़ा चम्मच जीरा
- ¼ छोटा चम्मच सेंधा नमक
बनाने की विधि
- हर बीज को अलग-अलग धीमी आँच पर खुशबू आने तक सूखा भूनें।
- ठंडा करके सेंधा नमक मिलाएँ और डिब्बे में रखें।
इस्तेमाल का तरीका
- दोपहर या रात के खाने के बाद ½ छोटा चम्मच धीरे-धीरे चबाएँ।
- बाद में कुछ घूँट गुनगुना पानी पिएँ।
मददगार आदतें
- थोड़ी अजवाइन सूखी भूनकर हफ़्ते भर के लिए काँच के डिब्बे में रखें।
सावधानियाँ
- कम नमक वाले आहार पर हों तो नमक न डालें।
- यह गर्म है; एसिडिटी या मुँह के छाले होते हों तो कम मात्रा लें।
- अगर आप नियमित दवा लेते हैं या कोई पुरानी बीमारी है, तो पहले डॉक्टर से पूछें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या मिश्रण पीस सकते हैं?
- हाँ, दरदरा पाउडर ठीक है; साबुत बीज ज़्यादा दिन चलते हैं।
क्या बच्चों के लिए सुरक्षित है?
- बड़े बच्चे छोटी चुटकी ले सकते हैं; छोटे बच्चों के लिए डॉक्टर से पूछें।
क्या अजवाइन रोज़ ले सकते हैं?
- खाने के साथ चुटकी भर सामान्य है; दवा जैसी मात्रा कुछ दिनों के लिए ही।



