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डिलीवरी के बाद अजवाइन पानी: पारंपरिक तरीका

कई भारतीय परिवार प्रसव के बाद गैस और पाचन के लिए नई माँ को गुनगुना अजवाइन पानी देते हैं। कैसे बनता है और कब डॉक्टर से पूछें।

चित्र में अजवाइन की आयुर्वेदिक रसोई की व्यवस्था।

ज़रूरी: यह नुस्खा केवल एक सहायक घरेलू उपाय है। डॉक्टर की लिखी दवाइयाँ लेते रहें, अपनी रीडिंग जाँचते रहें और कुछ भी नया शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।

अजवाइन का इस्तेमाल ऐसे क्यों

अजवाइन के दाने तीखे, गर्म और खुशबूदार होते हैं। भारतीय घरों में इन्हें भूनकर, चबाकर, पानी में उबालकर या गर्म कपड़े की पोटली बनाकर गैस, भारीपन और छाती की जकड़न में इस्तेमाल किया जाता है।

अजवाइन पानी पूरे भारत में प्रसव के बाद की सबसे आम परंपराओं में है, माना जाता है कि यह गैस कम करता है, पाचन में मदद करता है और शरीर को गर्म रखता है। रसोई की मात्रा में यह आमतौर पर सुरक्षित है, पर नई माँओं, ख़ासकर सिज़ेरियन के बाद, को डॉक्टर की आहार सलाह माननी चाहिए।

सामग्री

  • 1 छोटा चम्मच अजवाइन
  • 2 कप पानी

बनाने की विधि

  1. अजवाइन को पानी में तब तक उबालें जब तक लगभग 1½ कप रह जाए; छान लें।

इस्तेमाल का तरीका

  • डॉक्टर सहमत हों तो डिलीवरी के बाद शुरुआती हफ़्तों में दिन भर गुनगुना पिएँ।
  • सादा पानी भी पिएँ; स्तनपान में पानी ज़रूरी है।

मददगार आदतें

  • थोड़ी अजवाइन सूखी भूनकर हफ़्ते भर के लिए काँच के डिब्बे में रखें।

सावधानियाँ

  • अजवाइन गर्म है; गर्मी में या एसिडिटी हो तो कम करें। डिलीवरी के बाद बुख़ार, बदबूदार स्राव या ज़्यादा ख़ून में तुरंत डॉक्टर को दिखाएँ।
  • यह गर्म है; एसिडिटी या मुँह के छाले होते हों तो कम मात्रा लें।
  • गर्भावस्था या स्तनपान में पहले डॉक्टर से पूछें।
  • खुजली, दाने, पेट खराब या कोई और परेशानी हो तो तुरंत बंद करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या अजवाइन पानी से दूध बढ़ता है?

इसका अच्छा प्रमाण नहीं है; बार-बार दूध पिलाना सबसे ज़्यादा मदद करता है।

क्या सिज़ेरियन के बाद सुरक्षित है?

थोड़ी मात्रा में आमतौर पर हाँ, पर अपने डॉक्टर से पूछें।

क्या अजवाइन रोज़ ले सकते हैं?

खाने के साथ चुटकी भर सामान्य है; दवा जैसी मात्रा कुछ दिनों के लिए ही।