मुख्य सामग्री पर जाएँ
AllAyurvedics

आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों की अलमारी सही तरीके से कैसे रखें

सूखी जड़ी-बूटियाँ, चूर्ण और मसाले ताज़ा और सुरक्षित कैसे रखें: डिब्बे, लेबल, रोशनी, नमी और कब फेंक दें।

चित्र में बर्फ़ की आयुर्वेदिक रसोई की व्यवस्था।

भारतीय घरों में आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियाँ

ज़्यादातर आयुर्वेदिक घरेलू नुस्खे सूखी जड़ी-बूटियों और मसालों की एक छोटी अलमारी पर टिके होते हैं। इन्हें कैसे खरीदें, रखें और लेबल करें, यह नुस्खे जितना ही ज़रूरी है।

रोशनी, गर्मी, हवा और नमी से सूखी जड़ी-बूटियों की खुशबू और ताक़त कम होती है। नमी वाले भारतीय मानसून में पाउडरों में घुन और फफूँद भी लगती है, जिससे वे असुरक्षित हो सकते हैं।

पुराने पैकेटों के बड़े ढेर से बेहतर है साबुत मसालों और कुछ चूर्णों की छोटी, अच्छे लेबल वाली अलमारी, जिसे हर कुछ महीनों में ताज़ा किया जाए।

सामग्री

  • ढक्कन वाले साफ़, सूखे काँच के डिब्बे
  • लेबल और मार्कर
  • चूल्हे से दूर ठंडी अलमारी

बनाने की विधि

  1. डिब्बे धोकर धूप में पूरी तरह सुखाएँ।
  2. हर डिब्बे को भरें, नाम और तारीख़ का लेबल लगाएँ, और पाउडर छोटे डिब्बों में रखें।

इस्तेमाल का तरीका

  • हर बार सूखा चम्मच इस्तेमाल करें।
  • हर महीने डिब्बे देखें; गंध, गाँठें, कीड़े या फफूँद जाँचें।

मददगार आदतें

  • हर डिब्बे पर खरीदने की तारीख़ लिखें।

सावधानियाँ

  • सीलन की गंध, जाले या फफूँद वाली जड़ी-बूटी कभी इस्तेमाल न करें।
  • जिसमें सीलन की गंध, कीड़े या फफूँद दिखे उसे फेंक दें।
  • अगर आप नियमित दवा लेते हैं या कोई पुरानी बीमारी है, तो पहले डॉक्टर से पूछें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या जड़ी-बूटियाँ फ्रिज में रखें?

सिर्फ़ अलसी जैसे तेल वाले बीज या बहुत नमी में पिसे मसाले; खोलने से पहले डिब्बे को कमरे के तापमान पर आने दें।

साबुत खरीदना बेहतर है या पाउडर?

साबुत ज़्यादा दिन चलता है; ज़रूरत भर थोड़ा-थोड़ा पीसें।

सूखी जड़ी-बूटियाँ कितने दिन चलती हैं?

साबुत मसाले लगभग एक साल; पाउडर तीन से छह महीने।