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तुलसी, पुदीना और कढ़ी पत्ते का एक-एक गमला
खिड़की या बालकनी में तीन रसोई की जड़ी-बूटियों के गमले, रोज़ ताज़ी पत्तियों के लिए। बागवानी है, दवा नहीं।

कुछ कदम दूर ताज़ी पत्तियाँ
तुलसी, पुदीना और कढ़ी पत्ता वे तीन पत्तियाँ हैं जो ज़्यादातर भारतीय रसोई में काम आती हैं, और तीनों धूप वाली खिड़की या बालकनी के गमलों में आराम से उगती हैं। इन्हें पास रखने से आप ताज़ी पत्तियाँ इस्तेमाल करते हैं, गुच्छों पर कम खर्च करते हैं और सँवारने के लिए कुछ हरा पाते हैं। बागवानी सुखद आदत है, किसी बीमारी का इलाज नहीं।
निकासी छेद वाले गमले और अच्छी पॉटिंग मिट्टी लें, और पौधों को चार से छह घंटे धूप दें। मिट्टी की ऊपरी परत सूखी लगे तब पानी दें। पुदीना अक्सर तोड़ें ताकि फैले नहीं, और उसे अलग गमले में रखें। खाने से पहले पत्तियाँ धोएँ। गमलों और तश्तरियों में पानी जमा न रहने दें, क्योंकि उसमें मच्छर पनप सकते हैं।
सामग्री
- निकासी छेद वाले तीन गमले
- पॉटिंग मिट्टी और थोड़ी खाद
- तुलसी का पौधा, पुदीने की कलम और कढ़ी पत्ते का पौधा
बनाने की विधि
- हर गमले में मिट्टी भरकर पौधा या कलम लगाएँ।
- उन्हें धूप वाली जगह रखें और अच्छी तरह पानी दें।
इस्तेमाल का तरीका
- ऊपरी मिट्टी सूखे तब पानी दें।
- ऊपर से कुछ-कुछ पत्तियाँ तोड़ें और इस्तेमाल से पहले धोएँ।
मददगार आदतें
- पुदीना अलग गमले में रखें।
- तश्तरी खाली करें ताकि पानी जमा न रहे।
सावधानियाँ
- मच्छरों के कारण तश्तरियों में पानी जमा न रहने दें।
- खाने से पहले पत्तियाँ धोएँ।
- बागवानी है, दवा नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
सबसे ज़्यादा धूप किसे चाहिए?
- तुलसी और कढ़ी पत्ते को पूरी धूप चाहिए, पुदीने को थोड़ी छाया।
कितनी बार पानी दें?
- जब ऊपरी मिट्टी सूखी हो।
क्या घर के अंदर उगा सकते हैं?
- केवल तेज़ रोशनी वाली खिड़की पर।






