मुख्य सामग्री पर जाएँ
AllAyurvedics

रोटी के आटे में भुनी अलसी का पाउडर

हर दो कप आटे में एक बड़ा चम्मच भुनी, पिसी अलसी, जिससे रोटी में रेशा और अच्छी चिकनाई जुड़े और खाने के बाद शुगर स्थिर रहे।

चित्र में अलसी की आयुर्वेदिक रसोई की व्यवस्था।

ज़रूरी: यह नुस्खा केवल एक सहायक घरेलू उपाय है। डॉक्टर की लिखी दवाइयाँ लेते रहें, अपनी रीडिंग जाँचते रहें और कुछ भी नया शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।

अलसी का इस्तेमाल ऐसे क्यों

अलसी से घुलनशील फ़ाइबर और पौधों वाला ओमेगा-3 मिलता है। पिसे बीज साबुत बीजों से बेहतर पचते हैं, साबुत बीज अक्सर बिना पचे निकल जाते हैं।

अलसी में घुलनशील रेशा और ओमेगा-3 चिकनाई भरपूर होती है। टाइप 2 डायबिटीज़ वाले लोगों पर अध्ययनों में रोज़ पिसी अलसी से शुगर और कोलेस्ट्रॉल में छोटा सुधार मिला। साबुत बीज बिना पचे निकल जाते हैं, इसलिए पीस लें।

सामग्री

  • 2 कप गेहूँ का आटा
  • 2 बड़े चम्मच भुनी, पिसी अलसी
  • पानी और नमक

बनाने की विधि

  1. अलसी हल्की सूखी भूनें, ठंडी करके पीस लें।
  2. आटे में मिलाकर हमेशा की तरह गूँधें।

इस्तेमाल का तरीका

  • रोज़ की रोटी या पराठे में इस्तेमाल करें।
  • दिन भर पर्याप्त पानी पिएँ।

मददगार आदतें

  • थोड़ा-थोड़ा पीसें और पाउडर फ्रिज में रखें; यह जल्दी बासी होता है।

सावधानियाँ

  • गैस से बचने के लिए कम से शुरू करें। अलसी और दूसरी दवाओं में दो घंटे का अंतर रखें।
  • इसके साथ पर्याप्त पानी पिएँ; पेट फूलने से बचने के लिए कम मात्रा से शुरू करें।
  • शुगर की जाँच करते रहें; इसे शुरू करने से पहले डॉक्टर को बताएँ, दवा की मात्रा देखनी पड़ सकती है।
  • यह घरेलू उपाय है, इलाज नहीं। लक्षण कुछ दिनों से ज़्यादा रहें या बढ़ें तो डॉक्टर को दिखाएँ।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

पिसी अलसी कैसे रखें?

एयरटाइट डिब्बे में फ़्रिज में दो हफ़्ते तक।

क्या डोसे के घोल में अलसी डाल सकते हैं?

हाँ, एक कप में एक चम्मच ठीक रहता है।

दिन में कितनी अलसी?

ज़्यादातर बड़ों के लिए एक से दो छोटे चम्मच पिसी अलसी काफ़ी है।