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थोड़े दिनों के लिए गिलोय, तुलसी और अदरक का काढ़ा

मौसम बदलने पर तुलसी और अदरक के साथ गिलोय के तने के काढ़े का छोटा कप, सिर्फ़ पाँच से सात दिन, रोज़ की आदत नहीं।

चित्र में तुलसी, ताज़ा अदरक की आयुर्वेदिक रसोई की व्यवस्था।

ज़रूरी: यह नुस्खा केवल एक सहायक घरेलू उपाय है। डॉक्टर की लिखी दवाइयाँ लेते रहें, अपनी रीडिंग जाँचते रहें और कुछ भी नया शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।

गिलोय का इस्तेमाल ऐसे क्यों

गिलोय (गुडूची) एक बेल है जिसके तने को उबालकर काढ़ा बनाया जाता है। 2020 के बाद यह बहुत लोकप्रिय हुई, और तब से डॉक्टरों ने कुछ लोगों में लंबे समय या तेज़ मात्रा में लेने पर लिवर की समस्याएँ दर्ज की हैं।

महामारी के दौरान यह काढ़ा बहुत लोकप्रिय हुआ। थोड़े समय के लिए यह मौसम की पारंपरिक आदत है। क्योंकि लंबे समय तक रोज़ गिलोय लेने को लिवर की चोट से जोड़ा गया है, इसे एक हफ़्ते तक रखें और कोई पुरानी बीमारी हो तो डॉक्टर से बात करें।

सामग्री

  • ताज़े गिलोय के तने का 3 इंच टुकड़ा (या 1 छोटा चम्मच सूखा)
  • 5 से 6 तुलसी पत्ते
  • ½ इंच अदरक
  • 2 कप पानी

बनाने की विधि

  1. गिलोय का तना और अदरक कूट लें।
  2. तुलसी के साथ पानी में एक कप रहने तक उबालें; छान लें।

इस्तेमाल का तरीका

  • सुबह आधा कप गुनगुना पाँच से सात दिन पिएँ।
  • फिर कम से कम कुछ हफ़्तों के लिए बंद करें।

मददगार आदतें

  • भरोसेमंद जगह से तना लें; गिलोय कई बार इससे मिलती-जुलती बेलों से गड़बड़ा जाती है।

सावधानियाँ

  • आँखें पीली, पेशाब गहरा या खुजली हो तो तुरंत बंद करें।
  • डॉक्टर के बिना हफ़्तों तक रोज़ न लें; कुछ लोगों में लंबे कोर्स को लिवर की चोट से जोड़ा गया है।
  • गर्भावस्था, ऑटोइम्यून बीमारी और शुगर की दवा के साथ डॉक्टर की सलाह के बिना न लें।
  • यह घरेलू उपाय है, इलाज नहीं। लक्षण कुछ दिनों से ज़्यादा रहें या बढ़ें तो डॉक्टर को दिखाएँ।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या गिलोय की गोलियाँ ले सकते हैं?

हाँ, पर वही थोड़े दिनों का नियम लागू है।

क्या बच्चे यह काढ़ा ले सकते हैं?

बच्चों के डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं।

क्या गिलोय रोज़ लेना सुरक्षित है?

डॉक्टर की सलाह के बिना लंबे समय तक नहीं; कोर्स छोटा रखें।