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गरम दूध में कसी हुई ताज़ी हल्दी

कच्ची हल्दी का छोटा टुकड़ा गरम दूध में कसकर चुटकी काली मिर्च के साथ, हल्दी वाले दूध का हल्का, ताज़ा रूप। पित्त की पथरी या खून पतला करने की दवा में डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं।

फोटो में सुनहरे हल्दी वाले दूध का गिलास, पास में ताज़ी हल्दी की गाँठें, काली मिर्च और छोटी कद्दूकस।

ज़रूरी: यह नुस्खा केवल एक सहायक घरेलू उपाय है। डॉक्टर की लिखी दवाइयाँ लेते रहें, अपनी रीडिंग जाँचते रहें और कुछ भी नया शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।

जड़ से बना हल्दी का दूध

सर्दी में बाज़ार में कच्ची हल्दी आती है, और गरम दूध में उसका छोटा टुकड़ा कसने से पाउडर के मुकाबले हल्का, ताज़ा हल्दी वाला दूध मिलता है। ठंड में रात को गरम दूध कई लोगों को सुकून देता है। यह आराम का पेय है, सर्दी, दर्द या सूजन का इलाज नहीं।

लगभग एक सेंटीमीटर का टुकड़ा लें, ज़्यादा लेने से दूध कड़वा और तेज़ हो जाता है। चाहें तो चुटकी काली मिर्च डालें। पित्त की पथरी हो, खून पतला करने की दवा बिना डॉक्टर से पूछे लेते हों, या गर्भावस्था में ज़्यादा मात्रा में हो तो न लें। पेट खराब हो तो रोक दें।

सामग्री

  • 1 सेंटीमीटर ताज़ी हल्दी की जड़
  • 1 कप दूध
  • चुटकी काली मिर्च और थोड़ा गुड़ (वैकल्पिक)

बनाने की विधि

  1. हल्दी बारीक कस लें।
  2. दूध को हल्दी के साथ तीन मिनट गरम करें, उफनने न दें, चाहें तो छान लें।

इस्तेमाल का तरीका

  • शाम को गुनगुना पिएँ, हफ़्ते में एक-दो बार या पसंद से।
  • दिन में एक कप से ज़्यादा नहीं।

मददगार आदतें

  • कसते समय दाग से बचने के लिए दस्ताने पहनें।
  • टुकड़े पसंद न हों तो छान लें।

सावधानियाँ

  • पित्त की पथरी, खून पतला करने की दवा या सर्जरी से पहले डॉक्टर से पूछें।
  • हल्दी थोड़ी रखें और पेट खराब हो तो रोक दें।
  • आराम का पेय है, इलाज नहीं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या कच्ची हल्दी पाउडर से तेज़ है?

कप में यह ज़्यादा ताज़ी और हल्की लगती है। यह दवा नहीं।

क्या काली मिर्च ज़रूरी है?

यह परंपरा है, पर वैकल्पिक।

क्या बच्चों को दे सकते हैं?

बड़े बच्चों को छोटा, हल्का कप चलेगा। हल्दी कम रखें।
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