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त्वचा20 मिनट

गर्मी की त्वचा के लिए खस-चंदन का ठंडा लेप

गर्म दिन के बाद पीठ, गर्दन और बाँहों पर खस पाउडर, चंदन और गुलाब जल का लेप, ठंडक, ताज़गी और घमौरियों में आराम के लिए।

चित्र में चंदन, गुलाब जल, गुलाब की पंखुड़ियाँ की आयुर्वेदिक रसोई की व्यवस्था।

भारतीय घरों में खस

खस (वेटिवर) एक घास है जिसकी खुशबूदार जड़ें गर्मी के परदों में बुनने पर हवा ठंडी करती हैं। इन जड़ों को पीने के पानी या शरबत में भिगोना गर्मी का पारंपरिक ठंडा उपाय है।

खस और चंदन दोनों आयुर्वेद की सबसे ठंडी जड़ियों में हैं। पसीने भरे दिन के बाद गर्मी से परेशान त्वचा पर यह लेप आरामदायक लगता है; ढीले सूती कपड़े और ठंडे पानी से नहाना सबसे ज़्यादा मदद करते हैं।

सामग्री

  • 1 बड़ा चम्मच खस जड़ का पाउडर
  • 1 बड़ा चम्मच चंदन पाउडर
  • गुलाब जल या ठंडा पानी

बनाने की विधि

  1. फैलने लायक लेप बना लें।

इस्तेमाल का तरीका

  • गर्दन, पीठ और बाँहों पर 15 मिनट लगाएँ, फिर ठंडे पानी से धो लें।
  • बहुत गर्म दिनों में इस्तेमाल करें।

मददगार आदतें

  • जड़ें अच्छी तरह धोएँ; दो इस्तेमाल के बीच धूप में सुखाएँ।

सावधानियाँ

  • बुखार के साथ दाने या मवाद वाले दाने हों तो डॉक्टर को दिखाएँ।
  • बाज़ार का खस सिरप ज़्यादातर चीनी और रंग होता है; जहाँ हो सके जड़ें इस्तेमाल करें।
  • चेहरे पर लगाने से 24 घंटे पहले बाँह के अंदरूनी हिस्से पर पैच टेस्ट करें।
  • यह पारंपरिक इस्तेमाल है; वैज्ञानिक प्रमाण सीमित हैं। डॉक्टर की दी हुई दवा बंद न करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या चेहरे पर लगा सकते हैं?

हाँ, पैच टेस्ट के बाद; आँखों से दूर रखें।

खस पाउडर कहाँ मिलेगा?

आयुर्वेदिक दुकानों से, या सूखी खस की जड़ें बारीक पीस लें।

क्या खस और खसखस एक हैं?

नहीं, खसखस पोस्ता दाना है; खस वेटिवर की जड़ है।