नींद और तनाव10 मिनट
गर्मी की शांत शाम के लिए घर का खस शरबत
खस वाले पानी, नींबू और थोड़ी मिश्री से बना हल्का घरेलू पेय, गर्म शामों में ठंडक और सुकून के लिए।

खस का इस्तेमाल ऐसे क्यों
खस (वेटिवर) एक घास है जिसकी खुशबूदार जड़ें गर्मी के परदों में बुनने पर हवा ठंडी करती हैं। इन जड़ों को पीने के पानी या शरबत में भिगोना गर्मी का पारंपरिक ठंडा उपाय है।
चटक हरा बोतल वाला खस सिरप ज़्यादातर चीनी और रंग होता है। असली खस की जड़ें भिगोने से हल्का, सोंधा, ठंडा पेय बनता है जो भारतीय गर्मियों की शामों के लिए ठीक है।
सामग्री
- 10 ग्राम खस की जड़ें, धुली हुई
- 1 लीटर पानी
- ½ नींबू का रस
- 1 बड़ा चम्मच मिश्री या स्वाद अनुसार
बनाने की विधि
- खस की जड़ें मिट्टी के बर्तन में पानी में चार से छह घंटे भिगोएँ।
- छानें; नींबू का रस और मिश्री मिलाएँ।
इस्तेमाल का तरीका
- गर्म दिनों में शाम को एक गिलास पिएँ।
- रोज़ ताज़ा बनाएँ।
मददगार आदतें
- जड़ें अच्छी तरह धोएँ; दो इस्तेमाल के बीच धूप में सुखाएँ।
सावधानियाँ
- डायबिटीज़ हो तो मिश्री न डालें।
- बाज़ार का खस सिरप ज़्यादातर चीनी और रंग होता है; जहाँ हो सके जड़ें इस्तेमाल करें।
- अगर आप नियमित दवा लेते हैं या कोई पुरानी बीमारी है, तो पहले डॉक्टर से पूछें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
बाज़ार का खस सिरप हरा क्यों होता है?
- मिलाए गए रंग से; असली खस का पानी हल्के रंग का होता है।
क्या सब्जा बीज डाल सकते हैं?
- हाँ, भीगे सब्जा बीज गर्मियों का पुराना मेल हैं।
क्या खस और खसखस एक हैं?
- नहीं, खसखस पोस्ता दाना है; खस वेटिवर की जड़ है।




