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लंबे दिन के बाद पिंडलियों पर पतला किया लेमनग्रास तेल

लंबे समय खड़े रहने या चलने के बाद थकी पिंडलियों पर नारियल तेल में कुछ बूँद लेमनग्रास तेल की मालिश।

चित्र में नींबू, नारियल की आयुर्वेदिक रसोई की व्यवस्था।

लेमनग्रास का इस्तेमाल ऐसे क्यों

लेमनग्रास (गवती चाय) एक खुशबूदार घास है जिसकी हल्की, नींबू जैसी चाय महाराष्ट्र और केरल में अक्सर तुलसी और अदरक के साथ बनाई जाती है।

लेमनग्रास तेल की ताज़ा, मन हल्का करने वाली खुशबू है और यह केरल के मालिश तेलों में इस्तेमाल होता है। छोटे अध्ययन बताते हैं कि बाहर से लगाया लेमनग्रास हल्का सूजन-रोधी हो सकता है। दिल की ओर मालिश करने से थके, भारी पैर हल्के लगते हैं।

सामग्री

  • 3 बूँद लेमनग्रास एसेंशियल ऑयल
  • 1 बड़ा चम्मच नारियल तेल

बनाने की विधि

  1. तेल अच्छी तरह मिलाएँ।

इस्तेमाल का तरीका

  • पिंडलियों पर ऊपर की ओर पाँच मिनट मालिश करें।
  • 10 मिनट तकिए पर पैर ऊँचे रखकर आराम करें।

मददगार आदतें

  • लेमनग्रास का गमला आसानी से उगता है; बाहर की डंडियाँ काटें।

सावधानियाँ

  • पहले पैच टेस्ट करें; लेमनग्रास तेल त्वचा में जलन कर सकता है। दर्द भरी, सूजी, लाल पिंडली, ख़ासकर एक तरफ़, में तुरंत डॉक्टर को दिखाएँ।
  • लेमनग्रास का गाढ़ा तेल बिना मिलाए त्वचा पर न लगाएँ।
  • खुजली, दाने, पेट खराब या कोई और परेशानी हो तो तुरंत बंद करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या रात की ऐंठन में इस्तेमाल कर सकते हैं?

आराम करने में मदद कर सकता है; बार-बार ऐंठन में डॉक्टर को दिखाएँ।

क्या गर्भावस्था में सुरक्षित है?

डॉक्टर की सहमति के बिना गर्भावस्था में एसेंशियल ऑयल न लें।

पत्ते लें या डंडी?

दोनों; नीचे की सफ़ेद डंडी सबसे खुशबूदार होती है।