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बरसाती ज़ुकाम के लिए लेमनग्रास-तुलसी का काढ़ा

बारिश के दिनों में बहती नाक और भारी सिर के लिए लेमनग्रास, तुलसी और अदरक का हल्का, नींबू जैसा काढ़ा।

चित्र में नींबू, तुलसी, ताज़ा अदरक, शहद की आयुर्वेदिक रसोई की व्यवस्था।

भारतीय घरों में लेमनग्रास

लेमनग्रास (गवती चाय) एक खुशबूदार घास है जिसकी हल्की, नींबू जैसी चाय महाराष्ट्र और केरल में अक्सर तुलसी और अदरक के साथ बनाई जाती है।

महाराष्ट्र में तुलसी के साथ गवती चाय बरसात का आम पेय है। यह काली मिर्च वाले काढ़ों से हल्का है और पूरे परिवार के लिए स्वादिष्ट है।

सामग्री

  • 1 लेमनग्रास की डंडी
  • 6 तुलसी पत्ते
  • ½ इंच अदरक
  • 2 कप पानी
  • शहद (चाहें तो)

बनाने की विधि

  1. लेमनग्रास काटकर कुचलें; तुलसी और अदरक के साथ सात मिनट उबालें।
  2. छानें और गुनगुना होने पर शहद मिलाएँ।

इस्तेमाल का तरीका

  • ज़ुकाम रहने तक दिन में दो-तीन बार एक कप पिएँ।

मददगार आदतें

  • लेमनग्रास का गमला आसानी से उगता है; बाहर की डंडियाँ काटें।

सावधानियाँ

  • बरसात में तेज़ बुखार, बदन दर्द और दाने हों तो डॉक्टर को दिखाएँ; डेंगू हो सकता है।
  • लेमनग्रास का गाढ़ा तेल बिना मिलाए त्वचा पर न लगाएँ।
  • यह घरेलू उपाय है, इलाज नहीं। लक्षण कुछ दिनों से ज़्यादा रहें या बढ़ें तो डॉक्टर को दिखाएँ।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या एक साथ ज़्यादा बना सकते हैं?

सबसे अच्छे स्वाद के लिए रोज़ ताज़ा बनाएँ।

क्या बच्चे ले सकते हैं?

हाँ, हल्का रूप; एक साल से छोटे बच्चों को शहद नहीं।

पत्ते लें या डंडी?

दोनों; नीचे की सफ़ेद डंडी सबसे खुशबूदार होती है।