बच्चों की सेहत2 मिनट
सुबह भरी हुई स्कूल की पानी की बोतल
स्कूल बैग में धुली, भरी बोतल और सुबह एक गिलास पानी। पानी पीने की सरल आदत।

बोतल जो पहले से मौजूद हो
कई बच्चे स्कूल में कम पानी पीते हैं क्योंकि पानी पास नहीं होता। सुबह भरी साफ़ बोतल बैग में रखना और निकलने से पहले एक गिलास पानी पीना, पानी पीने को आदत बना देता है। यह पानी पीने की सादी आदत है, सिरदर्द, थकान या कम ध्यान का इलाज नहीं।
बोतल और ढक्कन रोज़ धोकर सुखाएँ। सादा उबालकर ठंडा किया या फ़िल्टर्ड पानी भरें। हर घंटे एक छोटा घूँट काफ़ी है। बड़े बच्चे बड़ी बोतल ले सकते हैं। बार-बार प्यास और बार-बार पेशाब, या बच्चा बिल्कुल न पिए तो बालरोग विशेषज्ञ को दिखाएँ।
सामग्री
- साफ़ स्टील या BPA-मुक्त बोतल
- फ़िल्टर्ड या उबालकर ठंडा किया पानी
- बोतल का ब्रश और सूखा कपड़ा
बनाने की विधि
- बोतल और ढक्कन रोज़ धोकर सुखाएँ।
- सुबह पानी भरें।
इस्तेमाल का तरीका
- स्कूल जाने से पहले एक गिलास पानी दें।
- बोतल बैग में रखें।
मददगार आदतें
- बोतल बच्चे को चुनने दें।
- घर पर एक अतिरिक्त बोतल रखें।
सावधानियाँ
- बार-बार प्यास और पेशाब, या पीने से मना करना बालरोग विशेषज्ञ को दिखाएँ।
- बोतल रोज़ धोएँ।
- आदत है, इलाज नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
बच्चों को कितना पानी चाहिए?
- उम्र और मौसम पर निर्भर है; नियमित रूप से पानी दें।
क्या जूस बेहतर है?
- सादा पानी सबसे अच्छा है।
स्टील या प्लास्टिक?
- साफ़ और सुरक्षित हो तो दोनों ठीक हैं।


