सर्दी-खाँसी20 मिनट
घर का तुलसी, अदरक और शहद का सिरप
तुलसी और अदरक के काढ़े में शहद मिलाकर बना छोटा डिब्बा, फ्रिज में रखें और ज़ुकाम में चम्मच भर लें। बड़े और एक साल से बड़े बच्चे।

घर पर तुलसी का समझदारी से इस्तेमाल
तुलसी कई भारतीय घरों के आँगन में गमले में उगती है। आयुर्वेद इसे गर्म और हल्की मानता है, और परिवार इसकी कुछ पत्तियाँ चाय, काढ़े और सुबह की आदतों में इस्तेमाल करते हैं।
रात की खाँसी में आराम के लिए शहद के अच्छे प्रमाण हैं। घर का तुलसी-अदरक सिरप बिना रंग या अल्कोहल के परिवार के लिए अनुकूल रूप है।
सामग्री
- 20 तुलसी पत्ते
- 1 इंच अदरक, कटा हुआ
- 1 कप पानी
- ½ कप शहद
बनाने की विधि
- तुलसी और अदरक पानी में लगभग ¼ कप रहने तक उबालें; छानकर गुनगुना होने तक ठंडा करें।
- शहद मिलाकर साफ़ डिब्बे में फ्रिज में रखें।
इस्तेमाल का तरीका
- दिन में तीन बार तक, सोते समय भी, 1 छोटा चम्मच लें।
- एक हफ़्ते में इस्तेमाल कर लें।
मददगार आदतें
- घर के साफ़ पौधे से ताज़ी पत्तियाँ तोड़ें और अच्छी तरह धो लें।
सावधानियाँ
- एक साल से छोटे शिशुओं को शहद कभी न दें।
- कुछ पत्तियाँ ही लें, मुट्ठी भर नहीं; यह गर्म होती है।
- खून पतला करने की दवा लेते हों या गर्भधारण की योजना हो तो डॉक्टर से पूछें।
- यह पारंपरिक इस्तेमाल है; वैज्ञानिक प्रमाण सीमित हैं। डॉक्टर की दी हुई दवा बंद न करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
शहद गुनगुना होने पर ही क्यों मिलाएँ?
- बहुत गर्म तरल से शहद का स्वाद बदलता है; मिलाने के लिए गुनगुना काफ़ी है।
क्या काली मिर्च डाल सकते हैं?
- हाँ, बड़ों के लिए चुटकी भर।
क्या सूखी तुलसी ताज़ी जितनी अच्छी है?
- चाय के लिए सूखी पत्तियाँ चल जाती हैं; ये गाढ़ी होती हैं, इसलिए थोड़ी कम लें।



