दो अखरोट के आधे, दिल की दवा नहीं
दो अखरोट के आधे, मुट्ठी नहीं और कटोरी नहीं। यह साधारण नाश्ता है। यह दिल या रक्तचाप का इलाज नहीं करता और किसी दवा की जगह नहीं लेता।

ज़रूरी: यह नुस्खा केवल एक सहायक घरेलू उपाय है। डॉक्टर की लिखी दवाइयाँ लेते रहें, अपनी रीडिंग जाँचते रहें और कुछ भी नया शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।
मात्रा दो आधे ही क्यों है
अखरोट खाना है। इस पन्ने की मात्रा दो आधे है, यानी एक अखरोट, सामान्य दिन के साथ नाश्ते में। यह दिल की दवा नहीं, रक्तचाप की दवा नहीं, और न ही डॉक्टर की दवा, चलना या खानपान रोकने का कारण है।
मेवे से एलर्जी हो तो छोड़ दें। छोटे बच्चों के लिए ये गले में अटक सकते हैं, इसलिए यह पन्ना उन बड़ों के लिए है जो चबा सकते हैं। डॉक्टर ने चिकनाई सीमित करने को कहा हो तो दूसरी मुट्ठी जोड़ने के बजाय वही सीमा मानें। सीने में दर्द, दिल की तेज़ धड़कन, अचानक साँस फूलना या बहुत तेज़ सिरदर्द हो तो डॉक्टर चाहिए, एक और अखरोट नहीं।
सामग्री
- दो अखरोट के आधे (एक अखरोट)
- साफ़ थाली
- ऊपर न तला हुआ, न नमक, न शहद
बनाने की विधि
- ताज़ा खुशबू वाले आधे लें, कड़वे या रंग जैसे न हों।
- दो आधे थाली में रखें। बाकी थैली हटा दें।
इस्तेमाल का तरीका
- उन्हें अच्छी तरह चबाकर नाश्ते में खाएँ।
- दिन में एक बार यही मात्रा। थैली खत्म न करें।
- दिल या रक्तचाप की लिखी दवा वैसे ही लेते रहें।
मददगार आदतें
- अखरोट बन्द डिब्बे में रखें। बासी कड़वा स्वाद हो तो फेंक दें।
- धूल हो तो खाते से पहले धोकर सुखा लें।
सावधानियाँ
- मेवे की एलर्जी हो तो बिल्कुल न खाएँ।
- मात्रा दो आधे है। मुट्ठी उससे बड़ा नाश्ता है।
- यह दिल या रक्तचाप का इलाज नहीं। सीने का दर्द या अचानक साँस फूलना डॉक्टर का काम है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या अखरोट की कटोरी रक्तचाप घटा देगी?
- नहीं। यह पन्ना दो आधे की बात करता है, भोजन के रूप में। यह रक्तचाप नहीं घटाता और दवा या डॉक्टर की योजना की जगह नहीं लेता।
क्या हर घंटे खा लूँ?
- नहीं। दिन में एक बार दो आधे। उससे ज़्यादा सिर्फ़ और खाना है, ज़्यादा असरदार नुस्खा नहीं।
मेवे की एलर्जी हो तो क्या ये सुरक्षित हैं?
- नहीं। अखरोट या दूसरे मेवों से परेशानी हुई हो तो यह नाश्ता न आज़माएँ।



