आयरन और ख़ून की कमी में शिलाजीत: खनिज, शोध और सावधानी
शिलाजीत में प्राकृतिक आयरन और फ़ल्विक एसिड होता है। ख़ून की कमी पर एक अध्ययन क्या कहता है, यह आयरन इलाज की जगह क्यों नहीं, और किसे बचना चाहिए।

प्रकाशित 7 अक्टूबर 2026 · 3 मिनट में पढ़ें
शिलाजीत को अक्सर "खनिजों से भरपूर" कहा जाता है, और आयरन उनमें से एक है। ख़ून की कमी (एनीमिया) के लिए इसका क्या मतलब है, जानिए।
शिलाजीत में आयरन
शिलाजीत में प्राकृतिक रूप से आयरन और फ़ल्विक एसिड होता है, जो खनिजों को कोशिकाओं तक पहुँचाने में मदद कर सकता है। आयरन की सही मात्रा स्रोत और प्रोसेसिंग के अनुसार बहुत अलग होती है।
शोध क्या कहता है
आयरन की कमी वाले चूहों पर एक अध्ययन में शिलाजीत से बिना इलाज वाले चूहों की तुलना में हीमोग्लोबिन और आयरन से जुड़े मार्कर बढ़े। अभी अच्छे मानव ट्रायल नहीं हैं। इसलिए शिलाजीत सहायक सप्लीमेंट हो सकता है, आयरन का इलाज नहीं।
अगर ख़ून की कमी है
- जाँच कराएँ: हीमोग्लोबिन, फ़ेरिटिन और कमी का कारण (भोजन, ज़्यादा पीरियड्स, पेट के कीड़े, बवासीर, अल्सर आदि)।
- डॉक्टर द्वारा दी गई आयरन, B12 या फ़ोलिक एसिड लें।
- आयरन वाले भोजन खाएँ: हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ, दालें, चना, गुड़, खजूर — साथ में विटामिन C (आँवला, नींबू) ताकि आयरन अच्छे से सोखा जाए।
- आयरन वाले भोजन के एक घंटे के अंदर चाय या कॉफ़ी न लें।
किसे बचना चाहिए
हीमोक्रोमैटोसिस (आयरन की अधिकता), नियमित ख़ून चढ़वाने वाले थैलेसीमिया या हाई फ़ेरिटिन वाले लोग डॉक्टर की सलाह के बिना शिलाजीत न लें।
शिलाजीत कैसे लें (सामान्य गाइड)
- रेज़िन का चावल से मटर के दाने जितना टुकड़ा (लगभग 300–500 मिलीग्राम) दिन में एक बार लें, या लेबल पर दी गई मात्रा।
- इसे एक कप गुनगुने (उबलते नहीं) पानी या दूध में डालकर एक-दो मिनट चलाकर घोलें।
- ज़्यादातर लोग इसे सुबह हल्के नाश्ते के बाद लेते हैं।
- पहले हफ़्ते कम मात्रा से शुरू करें और सूट न करे तो बंद कर दें।
- हमेशा साफ़, सूखा चम्मच इस्तेमाल करें ताकि जार में नमी न जाए।
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डॉक्टर की सलाह
यह पेज पारंपरिक आयुर्वेदिक उपयोग और प्रकाशित शोध का सार बताता है; यह मेडिकल सलाह नहीं है। शिलाजीत लेने से पहले योग्य डॉक्टर या आयुर्वेदिक चिकित्सक (BAMS) से सलाह लें, ख़ासकर अगर आप गर्भवती हैं या स्तनपान कराती हैं, 18 साल से कम उम्र के हैं, दिल की बीमारी, हाई या लो ब्लड प्रेशर, गाउट या हाई यूरिक एसिड, आयरन की अधिकता (हीमोक्रोमैटोसिस), किडनी या लिवर की बीमारी है, या नियमित दवा लेते हैं। डॉक्टर की दवा बंद न करें। पढ़ें: किसे शिलाजीत नहीं खाना चाहिए और शिलाजीत के नुकसान।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या शिलाजीत से हीमोग्लोबिन बढ़ता है?
- चूहों पर एक अध्ययन बताता है कि आयरन की कमी में यह हीमोग्लोबिन को सहारा दे सकता है। अच्छे मानव ट्रायल नहीं हैं, इसलिए डॉक्टर का एनीमिया इलाज लें।
क्या आयरन की गोली के साथ शिलाजीत ले सकते हैं?
- डॉक्टर से पूछें। बिना निगरानी आयरन के अतिरिक्त स्रोत लेने से कुछ लोगों में आयरन बहुत बढ़ सकता है।
आयरन के लिए किसे शिलाजीत नहीं लेना चाहिए?
- आयरन की अधिकता (हीमोक्रोमैटोसिस), हाई फ़ेरिटिन या बार-बार ख़ून चढ़वाने वाले लोग।
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