पाचन20 मिनट
व्रत के दिन की हल्की थाली
व्रत के दिन सामा चावल या साबूदाना, पकाया आलू, मूँगफली और खीरे का रायता; कम तेल और जल्दी खाएँ। दवा वाले मधुमेह रोगी डॉक्टर से पूछें।

ज़रूरी: यह नुस्खा केवल एक सहायक घरेलू उपाय है। डॉक्टर की लिखी दवाइयाँ लेते रहें, अपनी रीडिंग जाँचते रहें और कुछ भी नया शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।
व्रत का खाना हल्का रखें
व्रत का खाना आसानी से भारी और तला हुआ हो जाता है। हल्की थाली में थोड़ा साबूदाना या सामा चावल, आलू, मूँगफली और ठंडा खीरे का रायता कम तेल में पकाकर रखें।
नियमित समय पर खाएँ, भोजन के बीच पानी पिएँ और देर रात भारी खाना न खाएँ। व्रत निजी चुनाव है; यह केवल खाने का विचार है, चिकित्सा योजना नहीं।
सामग्री
- आधी कटोरी भीगा साबूदाना या पका सामा चावल
- 1 उबला आलू और 1 बड़ा चम्मच भुनी मूँगफली
- आधी कटोरी खीरे का रायता
- सेंधा नमक और 1 छोटा चम्मच घी
बनाने की विधि
- साबूदाना या सामा को उबले आलू, मूँगफली और सेंधा नमक के साथ एक चम्मच घी में हल्का मिलाएँ।
- रायते के लिए दही में कद्दूकस खीरा और सेंधा नमक मिलाएँ।
इस्तेमाल का तरीका
- रायते और सादे पानी के साथ छोटी थाली खाएँ।
- भोजन के बीच कोई मौसमी फल लें।
मददगार आदतें
- साबूदाना अच्छी तरह धोकर हर दाना नरम होने तक भिगोएँ।
- तले हुए व्यंजन छोड़ दें।
सावधानियाँ
- मधुमेह, गर्भावस्था या दवा लेने वाले व्रत से पहले डॉक्टर से पूछें।
- चक्कर या बेचैनी हो तो व्रत खोल लें।
- खाने का विचार है, चिकित्सा योजना नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या साबूदाना हल्का है?
- यह ज़्यादातर स्टार्च है, इसलिए हिस्सा छोटा रखें और प्रोटीन के साथ लें।
क्या फल जोड़ सकते हैं?
- हाँ, भोजन के बीच मौसमी फल ठीक है।
क्या सबके लिए सुरक्षित है?
- सबके लिए नहीं; कोई बीमारी हो तो डॉक्टर से पूछें।






