पाचन3 मिनट
आरामदायक शौच की मुद्रा के लिए एक छोटा पैर-स्टूल
पैर छोटे स्टूल पर रखें ताकि घुटने कूल्हों से ऊपर रहें। सुबह आराम के लिए मुद्रा की आदत है, बवासीर या लंबे कब्ज़ का इलाज नहीं।

मुद्रा में बदलाव, इलाज नहीं
पैरों के नीचे छोटा स्टूल रखने से घुटने कूल्हों से ऊपर आ जाते हैं, जो उस उकड़ू मुद्रा के करीब है जिसमें कई लोग पले-बढ़े हैं। यह सोशल मीडिया पर चर्चित सरल आदत है, और कुछ लोगों को सुबह अधिक आराम लगता है। प्रमाण सीमित हैं, और यह बवासीर, फिशर या कब्ज़ का इलाज नहीं।
लगभग 7 से 9 इंच ऊँचा, स्थिर स्टूल चुनें जो गीले फर्श पर न फिसले। ज़ोर न लगाएँ, बहुत देर न बैठें और बैठकर फ़ोन न चलाएँ। कब्ज़, खून या दर्द बना रहे तो डॉक्टर को दिखाएँ।
सामग्री
- लगभग 7 से 9 इंच ऊँचा, स्थिर पैर-स्टूल
- न फिसलने वाला बाथरूम का फर्श
- स्टूल के पास साफ़ तौलिया
बनाने की विधि
- स्टूल को शौचालय के सामने रखें ताकि पैर उस पर सपाट टिकें।
- जाँच लें कि वह फिसलता या पलटता नहीं।
इस्तेमाल का तरीका
- पैर स्टूल पर रखकर बैठें, घुटने कूल्हों से ऊपर, हल्का आगे झुकें।
- केवल कुछ मिनट रुकें और ज़ोर न लगाएँ।
मददगार आदतें
- रबर के पैरों वाला प्लास्टिक या लकड़ी का स्टूल अच्छा रहता है।
- स्टूल को सुखा लें ताकि वह फिसलन भरा न रहे।
सावधानियाँ
- ज़ोर न लगाएँ और चक्कर आए तो धीरे से उठें।
- केवल स्थिर, न फिसलने वाला स्टूल इस्तेमाल करें, खासकर बुज़ुर्ग और घुटने की तकलीफ़ वाले।
- खून, तेज़ दर्द या कई दिन की कब्ज़ में डॉक्टर चाहिए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या स्टूल से कब्ज़ ठीक होती है?
- नहीं। मुद्रा आरामदेह हो सकती है, पर कब्ज़ के लिए आहार, पानी और कभी-कभी डॉक्टर चाहिए।
क्या बुज़ुर्गों के लिए सुरक्षित है?
- केवल स्थिर, न फिसलने वाले स्टूल और सावधानी के साथ।
स्टूल कितना ऊँचा हो?
- आमतौर पर 7 से 9 इंच। ऐसी ऊँचाई चुनें जो आरामदेह और स्थिर हो।



