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दोपहर के बाद चाय या कॉफ़ी नहीं

शाम के कप की जगह गुनगुना पानी या हर्बल चाय। एक छोटा कट-ऑफ जिससे कई सोने वालों को मदद मिलती है।

फोटो में संगमरमर की मेज़ पर स्टील का चाय का कप, गोल घड़ी, पानी का गिलास और हरी पत्तियाँ।

एक सीमा, पाबंदी नहीं

कैफ़ीन शरीर में घंटों रहता है, और देर दोपहर का कप सोते समय भी सक्रिय रह सकता है। एक सरल सीमा, जैसे दोपहर 2 या 3 बजे के बाद चाय या कॉफ़ी नहीं, नींद की सफ़ाई की आम सलाह है, और कई लोगों को जल्दी नींद आती है। यह अनिद्रा का इलाज नहीं।

शाम के कप की जगह गुनगुना पानी, कैफ़ीन रहित हर्बल चाय या गरम दूध लें। याद रखें कि कोला, चॉकलेट और कुछ एनर्जी ड्रिंक में भी कैफ़ीन होता है। रोज़ कई कप पीते हों तो सिरदर्द से बचने के लिए धीरे कम करें। लगातार खराब नींद में डॉक्टर चाहिए।

सामग्री

  • गुनगुने पानी का कप या कैफ़ीन रहित चाय
  • सीमा का समय दिखाती घड़ी
  • स्वाद के लिए तुलसी या सौंफ

बनाने की विधि

  1. अपना कट-ऑफ समय तय करें, जैसे दोपहर 3 बजे।
  2. शाम के लिए कैफ़ीन रहित विकल्प तैयार रखें।

इस्तेमाल का तरीका

  • कट-ऑफ से पहले अपनी आखिरी चाय या कॉफ़ी लें।
  • उसके बाद गुनगुना पानी या हर्बल चाय लें।

मददगार आदतें

  • कई कप पीते हों तो सिरदर्द से बचने के लिए धीरे कम करें।
  • कोला, चॉकलेट और एनर्जी ड्रिंक याद रखें।

सावधानियाँ

  • सिरदर्द से बचने के लिए धीरे कम करें।
  • लगातार खराब नींद में डॉक्टर चाहिए।
  • आदत है, अनिद्रा का इलाज नहीं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

रात को काम के लिए कॉफ़ी चाहिए तो?

पहले का कट-ऑफ आज़माएँ, पर ज़रूरी हो तो कप छोटा और जल्दी रखें।

क्या डिकैफ़ ठीक है?

उसमें थोड़ा कैफ़ीन होता है, पर बहुत कम।

क्या इससे नींद ठीक होगी?

कुछ लोगों में मदद करता है। खराब नींद के कई कारण होते हैं।
सभी देखें: अच्छी नींद के घरेलू उपाय