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पतिमुखम का गुलाबी पानी, केरल की तरह

पतंग (सप्पनवुड) की कुछ छीलन पानी में हल्का गुलाबी होने तक उबालकर दिन भर घूँट-घूँट पीना। खून पतला करने की दवा लेने वालों या गर्भावस्था में नहीं।

फोटो में हल्के गुलाबी पानी का गिलास, पास में ऊँचा स्टील का गिलास और लकड़ी की छीलन की छोटी कटोरी।

ज़रूरी: यह नुस्खा केवल एक सहायक घरेलू उपाय है। डॉक्टर की लिखी दवाइयाँ लेते रहें, अपनी रीडिंग जाँचते रहें और कुछ भी नया शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।

केरल का हल्का गुलाबी पीने का पानी

केरल में पतिमुखम, यानी सप्पन (पतंग) की अंदरूनी लकड़ी, पानी में उबालकर हल्का गुलाबी पेय बनाया जाता है, जो घरों और भोजनालयों में परोसा जाता है। इसे हल्के स्वाद वाला, ठंडा दिखने वाला पानी माना जाता है, और कुछ लोग कहते हैं कि यह पाचन में मदद करता है या शरीर को ठंडक देता है, पर ये दावे ठीक से प्रमाणित नहीं। यह पेय है, किसी बीमारी का इलाज नहीं।

एक लीटर पानी में केवल एक छोटी चुटकी छीलन, लगभग एक ग्राम, डालें और दस मिनट उबालकर हल्का गुलाबी करें। दिन में सामान्य पानी की तरह पिएँ। गर्भावस्था, स्तनपान, खून पतला करने की दवा या रक्तस्राव की समस्या में न लें, क्योंकि सप्पन परंपरागत रूप से रक्त प्रवाह को प्रभावित करने के लिए इस्तेमाल होता है। पेट खराब हो तो रोक दें।

सामग्री

  • 1 छोटी चुटकी पतिमुखम छीलन (लगभग 1 ग्राम)
  • 1 लीटर पानी
  • साफ़ स्टील का बर्तन

बनाने की विधि

  1. छीलन धोकर पानी में डालें।
  2. लगभग दस मिनट उबालें जब तक हल्का गुलाबी न हो जाए।

इस्तेमाल का तरीका

  • छानकर दिन भर सामान्य पानी की तरह पिएँ।
  • रोज़ ताज़ा तैयार करें।

मददगार आदतें

  • गहरा लाल न करें; बहुत हल्का रखें।
  • ढककर साफ़ बर्तन में रखें और उसी दिन इस्तेमाल करें।

सावधानियाँ

  • गर्भावस्था, स्तनपान, खून पतला करने की दवा या किसी रक्तस्राव की समस्या में न लें।
  • पेट खराब हो तो रोक दें।
  • पेय है, किसी बीमारी का इलाज नहीं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या पतिमुखम का पानी दवा है?

नहीं। यह परंपरागत पीने का पानी है, इलाज नहीं।

यह गुलाबी क्यों होता है?

लकड़ी के प्राकृतिक रंगद्रव्य पानी को रंग देते हैं।

क्या रोज़ पी सकते हैं?

दवाएँ लेते हों या रक्तस्राव की समस्या हो तो डॉक्टर से पूछें।