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हल्के दस्त में अनार के छिलके की चाय
सूखे अनार के छिलके की हल्की चाय, बड़ों में हल्के दस्त के लिए पारंपरिक कसैला उपाय, ORS और आराम के साथ।

घर पर अनार का समझदारी से इस्तेमाल
आयुर्वेद में अनार के फल और छिलके दोनों का महत्व है। सूखा छिलका कसैला होता है और दस्त में इसका लंबा लोक-इस्तेमाल है।
अनार के छिलके में टैनिन भरपूर होते हैं, जिनका कसैला, सुखाने वाला असर होता है। भारत भर की लोक-चिकित्सा में हल्के दस्त में छिलके की हल्की चाय दी जाती है। फिर भी सबसे ज़रूरी इलाज तरल है: ORS, चावल की कांजी, नारियल पानी।
सामग्री
- 1 बड़ा चम्मच सूखे अनार के छिलके
- 2 कप पानी
बनाने की विधि
- छिलके पानी में 10 मिनट उबालें जब तक पानी हल्का भूरा हो जाए।
- छानकर गुनगुना करें।
इस्तेमाल का तरीका
- दस्त वाले दिन आधा कप दो-तीन बार पिएँ।
- ORS और हल्का खाना लेते रहें।
मददगार आदतें
- छिलके धोकर धूप में सुखाएँ और डिब्बे में रखें।
सावधानियाँ
- मल में खून, तेज़ बुखार, पानी की कमी के लक्षण या दो दिन से ज़्यादा दस्त हों तो डॉक्टर को दिखाएँ।
- छिलका सिर्फ़ एक-दो दिन ही लें; यह बहुत कसैला है।
- अगर आप नियमित दवा लेते हैं या कोई पुरानी बीमारी है, तो पहले डॉक्टर से पूछें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या ताज़ा छिलका ले सकते हैं?
- हाँ, अच्छी तरह धोकर और अंदर का सफ़ेद हिस्सा कम लें; यह बहुत कड़वा होता है।
क्या यह बच्चों के लिए सुरक्षित है?
- दस्त वाले बच्चों को पहले ORS और डॉक्टर की सलाह चाहिए।
क्या बच्चों को छिलके की चाय दे सकते हैं?
- बच्चों के डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं।



