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त्वचा15 मिनट

कच्चे दूध में भीगा केसर, चेहरे पर

एक चम्मच ठंडे कच्चे दूध में भीगे केसर के तीन धागे, चेहरे पर कुछ मिनट लगाने का हल्का, आरामदायक तरीका।

चित्र में केसर, रूई की आयुर्वेदिक रसोई की व्यवस्था।

आयुर्वेद में केसर

केसर क्रोकस फूल के सूखे रेशे हैं, जिनके कुछ धागे दूध, मिठाई और उबटन में डाले जाते हैं। छोटे अध्ययनों में मूड पर हल्के असर के संकेत हैं; यह महँगा होता है और अक्सर नकली मिलता है।

दूध में केसर पुराना सौंदर्य नुस्खा है। कच्चे दूध में लैक्टिक एसिड होता है, जो त्वचा को हल्का चिकना करता है, और केसर सुनहरा रंग और अच्छी खुशबू देता है। गोरेपन की नहीं, नरम, ताज़ा एहसास की उम्मीद रखें।

सामग्री

  • केसर के 3 धागे
  • 1 बड़ा चम्मच ठंडा कच्चा दूध
  • रूई

बनाने की विधि

  1. केसर को दूध में 15 मिनट भिगोएँ जब तक सुनहरा हो जाए।

इस्तेमाल का तरीका

  • साफ़ चेहरे पर रूई से लगाएँ, 10 मिनट रखें और धो लें।
  • हफ़्ते में दो-तीन बार।

मददगार आदतें

  • असली केसर गुनगुने दूध में धीरे-धीरे रंग छोड़ता है; नकली तुरंत लाल रंग छोड़ देता है।

सावधानियाँ

  • दूध से एलर्जी हो तो न लगाएँ।
  • कुछ धागे ही लें; ज़्यादा मात्रा असुरक्षित है, ख़ासकर गर्भावस्था में।
  • चेहरे पर लगाने से 24 घंटे पहले बाँह के अंदरूनी हिस्से पर पैच टेस्ट करें।
  • अगर आप नियमित दवा लेते हैं या कोई पुरानी बीमारी है, तो पहले डॉक्टर से पूछें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या इससे त्वचा गोरी होगी?

नहीं; त्वचा नरम और ताज़ा लग सकती है, पर रंग नहीं बदलता।

क्या पैकेट वाला दूध ले सकते हैं?

हाँ, ठंडा टोंड दूध भी चलता है।

कितने धागे काफ़ी हैं?

एक कप में तीन से पाँच धागे।