डायबिटीज़ में सहायक25 मिनट
बिना चीनी, पतली मसूर की एक कटोरी
जीरा, अदरक और घी की बूँद के साथ पतली पकी मसूर, बिना चीनी। एक कटोरी भोजन है। यह मधुमेह की दवा की जगह नहीं लेती।

ज़रूरी: यह नुस्खा केवल एक सहायक घरेलू उपाय है। डॉक्टर की लिखी दवाइयाँ लेते रहें, अपनी रीडिंग जाँचते रहें और कुछ भी नया शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।
पतली दाल भोजन है, शुगर का पेय नहीं
लाल मसूर बहुत पानी में जीरा, अदरक और हल्दी के साथ पककर, अन्त में घी की कुछ बूँदों के साथ, पतली दाल बनती है। एक कटोरी खाएँ, और योजना में अनाज हो तो थोड़ा अनाज साथ लें। बर्तन में चीनी नहीं और पास मीठा पेय नहीं। यह मधुमेह का इलाज नहीं।
दाल से गैस हो सकती है। समय हो तो भिगोएँ, और नरम पकाएँ। डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ ने मात्रा तय की हो तो यह कटोरी उसी में आनी चाहिए। दोपहर दाल थी इसलिए दवा न छोड़ें। काँपना या पसीना हो तो कम-शुगर वाली योजना मानें।
सामग्री
- मसूर की एक छोटी मुट्ठी
- जीरा, अदरक और हल्दी की चुटकी
- पानी
- घी की कुछ बूँदें
बनाने की विधि
- मसूर धोएँ। जीरा, कद्दूकस अदरक और हल्दी के साथ पानी में तब तक पकाएँ जब तक दाल नरम और पतली हो।
- अन्त में घी की कुछ बूँदें डालें। चीनी, गुड़ या शहद न डालें।
इस्तेमाल का तरीका
- एक कटोरी भोजन के हिस्से के रूप में खाएँ।
- इसे मीठा पेय न बनाएँ।
- मधुमेह की दवा लिखे अनुसार रखें।
मददगार आदतें
- दाल लेई जैसी गाढ़ी हो तो गरम पानी मिलाकर पतली और चम्मच से खाने लायक करें।
- बचा हुआ फ्रिज में रखें और उबाल आने तक गरम करें।
सावधानियाँ
- दाल में चीनी नहीं।
- गैस हो सकती है। नरम पकाएँ, और बहुत फूलें तो रोक दें।
- मधुमेह की दवा की जगह नहीं लेती।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या मधुमेह के लिए मीठा मसूर पानी पी लूँ?
- नहीं। यह दाल नमकीन और पतली है, और मधुमेह का इलाज नहीं। इसे मीठा न करें।
क्या दोपहर की गोली छोड़ सकता हूँ?
- नहीं। खाना लिखी खुराक को रद्द नहीं करता। दवा जैसे डॉक्टर ने लिखी है वैसे लें।
बहुत गैस होती है। बड़ी कटोरी खाऊँ?
- नहीं। रोक दें या अगली कटोरी छोटी करें। बड़ी कटोरी ज़्यादा हल्की नहीं होती। दर्द बना रहे तो डॉक्टर से मिलें।





