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त्रिफला चूर्ण: कैसे चुनें, रखें और लें
अच्छा त्रिफला कैसा दिखता है, बराबर हिस्सों का पुराना अनुपात, कैसे रखें, और थोड़ी मात्रा लेने के आसान तरीके।

त्रिफला के बारे में ज़रूरी बातें
त्रिफला तीन सूखे फलों, आँवला, हरड़ और बहेड़ा, का पुराना मिश्रण है। यह थोड़ी मात्रा में पाचन और पेट साफ़ रखने में हल्की मदद के लिए सबसे ज़्यादा जाना जाता है।
शास्त्रीय त्रिफला आंवला, हरड़ और बहेड़ा के बराबर हिस्सों से बनता है, हालाँकि कुछ ग्रंथों में अनुपात अलग है। अच्छा चूर्ण बारीक, भूरा-हरा होता है और फल जैसी खट्टी खुशबू देता है, धूल जैसी नहीं।
घर पर आमतौर पर ½ से 1 छोटा चम्मच गुनगुने पानी में सोते समय, कुछ हफ़्तों के लिए लिया जाता है। जिन्हें स्वाद पसंद नहीं, उनके लिए गोलियाँ आसान हैं।
सामग्री
- लाइसेंस वाले निर्माता का त्रिफला चूर्ण
- हवाबंद काँच का डिब्बा
- गुनगुना पानी
बनाने की विधि
- लेबल पर तीनों फल, अनुपात, बैच नंबर और एक्सपायरी देखें।
- सूखे डिब्बे में डालें और ढक्कन कसकर बंद रखें।
इस्तेमाल का तरीका
- सोते समय ½ छोटा चम्मच आधे कप गुनगुने पानी में घोलकर लें।
- दो से चार हफ़्ते लें, फिर रुकें।
मददगार आदतें
- भाप से दूर हवाबंद डिब्बे में रखें; नमी में गाँठें बन जाती हैं।
सावधानियाँ
- पेट ढीला हो तो मात्रा कम करें या बंद करें।
- इससे दस्त हो सकते हैं; दस्त के दौरान और गर्भावस्था में न लें।
- यह पारंपरिक इस्तेमाल है; वैज्ञानिक प्रमाण सीमित हैं। डॉक्टर की दी हुई दवा बंद न करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
त्रिफला इतना कड़वा और खट्टा क्यों है?
- इसमें आयुर्वेद के छह में से पाँच रस होते हैं; यह स्वाद सामान्य है।
क्या त्रिफला घर पर बना सकते हैं?
- हाँ, बीज निकाले सूखे फलों के बराबर वज़न को बारीक पीसकर छान लें।
क्या त्रिफला की आदत पड़ जाती है?
- इसके प्रमाण कम हैं, फिर भी इसे हमेशा नहीं, थोड़े-थोड़े समय के लिए लेना बेहतर है।






