हिमालयन शिलाजीत: यह कहाँ से आता है और कैसे इकट्ठा होता है
ऊँची चट्टानों की दरारों में हिमालयन शिलाजीत कैसे बनता है, कैसे इकट्ठा और शुद्ध होता है, और लेबल पर 'हिमालयन' असल में क्या बताता है।

प्रकाशित 7 अक्टूबर 2026 · 3 मिनट में पढ़ें
शिलाजीत कई पर्वत श्रृंखलाओं में मिलता है — हिमालय, हिंदू कुश, अल्ताई और कॉकेशस — लेकिन भारत में हिमालयन शिलाजीत सबसे प्रसिद्ध है।
यह कैसे बनता है
लगभग 3,000–5,000 मीटर की ऊँचाई पर चट्टानों की परतों में फँसे पौधों के अवशेष बहुत लंबे समय में धीरे-धीरे टूटते हैं। गर्मियों में इससे बना गहरा, चिपचिपा पदार्थ चट्टान की दरारों से रिसता है। यही कच्चा शिलाजीत है।
यह कैसे इकट्ठा होता है
- हिमाचल, उत्तराखंड, लद्दाख, नेपाल और आसपास के क्षेत्रों में संग्राहक इस रिसाव को खुरचते हैं या शिलाजीत वाली चट्टान इकट्ठा करते हैं।
- कच्चे माल में पत्थर, रेत, पौधों का कचरा और सूक्ष्मजीव होते हैं, इसलिए यह खाने लायक नहीं होता।
यह कैसे शुद्ध होता है
पारंपरिक प्रक्रिया (शोधन) में कच्चे माल को पानी या जड़ी-बूटियों के काढ़े में घोलकर, ठोस हिस्से छानकर, धूप में या कम गर्मी पर धीरे-धीरे सुखाकर रेज़िन बनाया जाता है। आधुनिक निर्माता इसमें फ़िल्ट्रेशन और लैब जाँच जोड़ते हैं।
लेबल पर "हिमालयन" का मतलब
यह मूल क्षेत्र बताता है, लेकिन गुणवत्ता की गारंटी नहीं है। ज़्यादा ज़रूरी है:
- लाइसेंसधारी निर्माता और बैच नंबर
- शुद्धिकरण की विधि
- भारी धातु और सूक्ष्मजीव की जाँच
टिकाऊपन
शिलाजीत सीमित प्राकृतिक संसाधन है। स्थापित, लाइसेंसधारी आपूर्तिकर्ताओं से ख़रीदना बेहतर संग्रह को बढ़ावा देता है।
शिलाजीत कैसे लें (सामान्य गाइड)
- रेज़िन का चावल से मटर के दाने जितना टुकड़ा (लगभग 300–500 मिलीग्राम) दिन में एक बार लें, या लेबल पर दी गई मात्रा।
- इसे एक कप गुनगुने (उबलते नहीं) पानी या दूध में डालकर एक-दो मिनट चलाकर घोलें।
- ज़्यादातर लोग इसे सुबह हल्के नाश्ते के बाद लेते हैं।
- पहले हफ़्ते कम मात्रा से शुरू करें और सूट न करे तो बंद कर दें।
- हमेशा साफ़, सूखा चम्मच इस्तेमाल करें ताकि जार में नमी न जाए।
शिलाजीत से जुड़ी और गाइड
- शुद्ध बनाम कच्चा शिलाजीत
- शिलाजीत और फ़ल्विक एसिड
- ऊँचाई और ट्रेकिंग में शिलाजीत
- नकली शिलाजीत
- शिलाजीत के फायदे
- पूरी शिलाजीत गाइड
डॉक्टर की सलाह
यह पेज पारंपरिक आयुर्वेदिक उपयोग और प्रकाशित शोध का सार बताता है; यह मेडिकल सलाह नहीं है। शिलाजीत लेने से पहले योग्य डॉक्टर या आयुर्वेदिक चिकित्सक (BAMS) से सलाह लें, ख़ासकर अगर आप गर्भवती हैं या स्तनपान कराती हैं, 18 साल से कम उम्र के हैं, दिल की बीमारी, हाई या लो ब्लड प्रेशर, गाउट या हाई यूरिक एसिड, आयरन की अधिकता (हीमोक्रोमैटोसिस), किडनी या लिवर की बीमारी है, या नियमित दवा लेते हैं। डॉक्टर की दवा बंद न करें। पढ़ें: किसे शिलाजीत नहीं खाना चाहिए और शिलाजीत के नुकसान।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
शिलाजीत कहाँ से आता है?
- यह ऊँचाई पर, ख़ासकर हिमालय में, चट्टानों की दरारों से रिसता है — बहुत लंबे समय में टूटे पौधों के अवशेषों से बना।
क्या हिमालयन शिलाजीत सबसे अच्छा है?
- भारत में यह सबसे प्रसिद्ध है, लेकिन सिर्फ़ स्रोत से गुणवत्ता तय नहीं होती। शुद्धिकरण और जाँच ज़्यादा मायने रखते हैं।
क्या पहाड़ों से मिला कच्चा शिलाजीत खा सकते हैं?
- नहीं। कच्चे शिलाजीत में पत्थर, कचरा और सूक्ष्मजीव होते हैं; इसे पहले शुद्ध करना ज़रूरी है।
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