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नाश्ते से पहले गुनगुने पानी में एक चम्मच घी
एक चम्मच शुद्ध घी गुनगुने पानी में मिलाकर पीने की सुबह की आदत। एक चम्मच ही सीमा है, और जिन्हें चिकनाई घटाने को कहा गया हो वे इसे न लें।

ज़रूरी: यह नुस्खा केवल एक सहायक घरेलू उपाय है। डॉक्टर की लिखी दवाइयाँ लेते रहें, अपनी रीडिंग जाँचते रहें और कुछ भी नया शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।
एक चम्मच ही पूरी मात्रा है
खाली पेट घी लेना एक चर्चित आयुर्वेदिक आदत है। यहाँ यह सुबह गुनगुने पानी में एक चम्मच शुद्ध घी घोलना है। यह खान-पान की आदत है और चिकनाई की छोटी मात्रा। यह डिटॉक्स नहीं, कब्ज़ का इलाज नहीं और वज़न घटाने का तरीका नहीं।
एक चम्मच पर ही रहें। पित्ताशय की समस्या, ऊँचे कोलेस्ट्रॉल या चिकनाई घटाने की सलाह हो तो न लें, और चिकनाई के बाद मिचली होती हो तो भी न लें। अग्न्याशय की सूजन या फैटी लिवर हो तो पहले डॉक्टर से पूछें।
सामग्री
- 1 छोटी चम्मच शुद्ध घी
- 1 छोटा गिलास गुनगुना पानी, गरम नहीं
- साफ़ चम्मच
बनाने की विधि
- पानी को सुहावना गरम करें, उबलता नहीं।
- घी को घोलें जब तक वह हल्की सुनहरी चमक में न घुल जाए।
इस्तेमाल का तरीका
- सुबह नाश्ते से पहले धीरे-धीरे पिएँ, केवल उन दिनों जब स्वस्थ महसूस करें।
- मात्रा न बढ़ाएँ।
मददगार आदतें
- ताज़ा घी लें जिसकी गंध साफ़ हो।
- भारी लगे तो थोड़े भोजन के साथ लें या छोड़ दें।
सावधानियाँ
- पित्ताशय की बीमारी, ऊँचे कोलेस्ट्रॉल, फैटी लिवर, अग्न्याशय की सूजन या कम चिकनाई वाले आहार में न लें।
- मिचली, पतले दस्त या भारीपन हो तो रोक दें।
- डिटॉक्स, वज़न घटाने या कब्ज़ का इलाज नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या इससे कब्ज़ में मदद मिलेगी?
- कुछ लोगों को हल्का लग सकता है, पर यह इलाज नहीं। लगातार कब्ज़ में डॉक्टर चाहिए।
क्या एक बड़ी चम्मच कर सकते हैं?
- नहीं। यहाँ मात्रा एक छोटी चम्मच है।
क्या खाली पेट घी सबके लिए सुरक्षित है?
- नहीं। पित्ताशय, लिवर की समस्या या कम चिकनाई की सलाह वाले लोग इसे छोड़ें या पहले पूछें।




