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पुरानी खाँसी के लिए पिप्पली, मुलेठी और शहद का अवलेह

पिप्पली और मुलेठी पाउडर की छोटी-छोटी चुटकी शहद में, बड़ों की लंबी खाँसी में कुछ दिन, दिन में दो बार धीरे-धीरे चाटें।

चित्र में मुलेठी, शहद, बर्फ़ की आयुर्वेदिक रसोई की व्यवस्था।

ज़रूरी: यह नुस्खा केवल एक सहायक घरेलू उपाय है। डॉक्टर की लिखी दवाइयाँ लेते रहें, अपनी रीडिंग जाँचते रहें और कुछ भी नया शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।

घर पर पिप्पली का समझदारी से इस्तेमाल

पिप्पली (लंबी मिर्च) पतली, बाली जैसी मिर्च है जो काली मिर्च से ज़्यादा तीखी होती है। सोंठ और काली मिर्च के साथ यह त्रिकटु बनाती है, आयुर्वेद का पुराना गर्म त्रिक।

यह मिश्रण सितोपलादि और यष्टिमधु चूर्ण जैसे शास्त्रीय खाँसी के योगों जैसा है। पिप्पली गर्म और मुलेठी आराम देने वाली है। तीन हफ़्ते से ज़्यादा खाँसी हो तो डॉक्टर और शायद छाती का एक्स-रे ज़रूरी है।

सामग्री

  • पिप्पली पाउडर की छोटी चुटकी
  • मुलेठी पाउडर की छोटी चुटकी
  • 1 छोटा चम्मच शहद

बनाने की विधि

  1. पाउडर शहद में मिलाएँ।

इस्तेमाल का तरीका

  • तीन से पाँच दिन, दिन में दो बार धीरे-धीरे चाटें।
  • ठंडे पेय और देर रात जागने से बचें।

मददगार आदतें

  • साबुत पिप्पली लें और थोड़ी-थोड़ी पीसें।

सावधानियाँ

  • बच्चों, गर्भावस्था, हाई BP या एसिडिटी में न लें।
  • बहुत गर्म है; एसिडिटी, अल्सर, गर्भावस्था और बच्चों में न लें।
  • खुजली, दाने, पेट खराब या कोई और परेशानी हो तो तुरंत बंद करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या बच्चों को दे सकते हैं?

नहीं। बच्चों की खाँसी के लिए बच्चों के डॉक्टर से पूछें।

खाँसी में खून आए तो?

तुरंत डॉक्टर को दिखाएँ।

चुटकी भर पिप्पली कितनी होती है?

पाउडर का चौथाई छोटे चम्मच से भी कम।