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शिलाजीत का लेबल और लैब रिपोर्ट: ख़रीदने से पहले क्या जाँचें

शिलाजीत का लेबल और लैब रिपोर्ट पढ़ने की चेकलिस्ट: लाइसेंस, बैच, भारी धातु, सूक्ष्मजीव सीमा, फ़ल्विक एसिड और बचने लायक संकेत।

शिलाजीत का लेबल और लैब रिपोर्ट: ख़रीदने से पहले क्या जाँचें

प्रकाशित 7 अक्टूबर 2026 · 3 मिनट में पढ़ें

घरेलू टेस्ट यह नहीं बता सकते कि शिलाजीत सुरक्षित है या नहीं। लेबल और लैब रिपोर्ट बता सकते हैं।

लेबल चेकलिस्ट (भारत)

  • उत्पाद का नाम और "आयुर्वेदिक प्रोप्राइटरी मेडिसिन" या ऐसी श्रेणी
  • निर्माण लाइसेंस नंबर (राज्य आयुष लाइसेंसिंग प्राधिकरण द्वारा जारी)
  • निर्माता का पूरा नाम और पता
  • बैच नंबर, निर्माण तिथि और समाप्ति तिथि
  • कुल मात्रा (ग्राम) और रोज़ की मात्रा
  • सामग्री और हर ख़ुराक में शिलाजीत की मात्रा
  • सावधानियाँ और जहाँ लागू हो "चिकित्सक की देखरेख में लें"

लैब रिपोर्ट (सर्टिफ़िकेट ऑफ़ एनालिसिस) चेकलिस्ट

  • भारी धातु: सीसा, आर्सेनिक, पारा और कैडमियम, नतीजे अनुमत सीमा के अंदर
  • सूक्ष्मजीव जाँच: कुल बैक्टीरिया और फफूँद गिनती; E. coli, साल्मोनेला आदि की अनुपस्थिति
  • फ़ल्विक एसिड % (वैकल्पिक गुणवत्ता मापदंड)
  • रिपोर्ट का बैच नंबर आपके जार के बैच से मेल खाए
  • जाँच करने वाली लैब का नाम, हो सके तो NABL मान्यता प्राप्त

ख़तरे के संकेत

  • बिना बैच नंबर वाली या सालों पुरानी रिपोर्ट
  • बिना इकाई या सीमा वाले नतीजे
  • पैक पर "लैब टेस्टेड" लिखा हो लेकिन माँगने पर रिपोर्ट न मिले

विक्रेता से पूछें

अच्छा विक्रेता ईमेल या WhatsApp पर बैच रिपोर्ट भेज सकता है। मना करे या न दे सके, तो दूसरा ब्रांड चुनें।

शिलाजीत कैसे लें (सामान्य गाइड)

  • रेज़िन का चावल से मटर के दाने जितना टुकड़ा (लगभग 300–500 मिलीग्राम) दिन में एक बार लें, या लेबल पर दी गई मात्रा।
  • इसे एक कप गुनगुने (उबलते नहीं) पानी या दूध में डालकर एक-दो मिनट चलाकर घोलें।
  • ज़्यादातर लोग इसे सुबह हल्के नाश्ते के बाद लेते हैं।
  • पहले हफ़्ते कम मात्रा से शुरू करें और सूट न करे तो बंद कर दें।
  • हमेशा साफ़, सूखा चम्मच इस्तेमाल करें ताकि जार में नमी न जाए।

शिलाजीत से जुड़ी और गाइड

डॉक्टर की सलाह

यह पेज पारंपरिक आयुर्वेदिक उपयोग और प्रकाशित शोध का सार बताता है; यह मेडिकल सलाह नहीं है। शिलाजीत लेने से पहले योग्य डॉक्टर या आयुर्वेदिक चिकित्सक (BAMS) से सलाह लें, ख़ासकर अगर आप गर्भवती हैं या स्तनपान कराती हैं, 18 साल से कम उम्र के हैं, दिल की बीमारी, हाई या लो ब्लड प्रेशर, गाउट या हाई यूरिक एसिड, आयरन की अधिकता (हीमोक्रोमैटोसिस), किडनी या लिवर की बीमारी है, या नियमित दवा लेते हैं। डॉक्टर की दवा बंद न करें। पढ़ें: किसे शिलाजीत नहीं खाना चाहिए और शिलाजीत के नुकसान।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

शिलाजीत के लेबल पर क्या होना चाहिए?

लाइसेंस नंबर, निर्माता का नाम और पता, बैच नंबर, निर्माण और समाप्ति तिथि, कुल मात्रा, ख़ुराक और सामग्री।

शिलाजीत लैब रिपोर्ट में कौन-से टेस्ट होने चाहिए?

भारी धातु (सीसा, आर्सेनिक, पारा, कैडमियम), सूक्ष्मजीव सीमा और वैकल्पिक रूप से फ़ल्विक एसिड — उसी बैच के लिए जो आपके जार का है।

क्या पैक पर 'लैब टेस्टेड' लिखा होना काफ़ी है?

नहीं। असली बैच रिपोर्ट माँगें और जाँचें कि बैच नंबर मेल खाता है।

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